दिल्ली से लौटने के बाद हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पूर्ववर्ती भाजपा सरकार और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने पिछली सरकार के वित्तीय प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए कहा कि पांच साल के कार्यकाल में 70 हजार करोड़ रुपए मिलने के बावजूद राज्य का कर्ज कम करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।
सीएम सुक्खू ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि पिछली भाजपा सरकार को 54 हजार करोड़ रुपए राजस्व घाटा अनुदान (RDG) और 16 हजार करोड़ रुपए जीएसटी मुआवजे के रूप में केंद्र से मिले थे। उन्होंने कहा, “अगर इस कुल 70 हजार करोड़ रुपए में से 40 हजार करोड़ का कर्ज भी चुकाया गया होता, तो आज हिमाचल पर कर्ज का बोझ बहुत कम होता और वित्तीय स्थिति संभालना आसान रहता।”
RDG बहाली के लिए कानूनी लड़ाई के संकेत
मुख्यमंत्री ने राजस्व घाटा अनुदान को छोटे और पहाड़ी राज्यों का अधिकार बताते हुए इसे बंद किए जाने पर कड़ा रुख अपनाने के संकेत दिए। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार इस मुद्दे पर पूरी मजबूती से लड़ेगी। सीएम ने कहा कि इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेस्ट मैनेजमेंट के आकलन के अनुसार, हिमाचल हर साल देश की लगभग 90 हजार करोड़ रुपए की पारिस्थितिकीय सेवा (Ecology Service) करता है। इसके बावजूद RDG को रोकना तर्कसंगत नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर जरूरत पड़ी तो सरकार इस अधिकार की बहाली के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटा सकती है।
“मुझे कोसने से कुछ नहीं होगा। भाजपा नेताओं को दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर RDG बहाल करने की मांग करनी चाहिए, क्योंकि यह छोटे और पहाड़ी राज्यों का अधिकार है।” — सुखविंदर सिंह सुक्खू, मुख्यमंत्री, हिमाचल प्रदेश
सीएम ने अपनी सरकार के वित्तीय प्रबंधन का जिक्र करते हुए कहा कि हमें तीन साल में केवल 17 हजार करोड़ रुपए की RDG मिली, इसके बावजूद हमने 70 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनरों और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को 70 प्रतिशत एरियर का भुगतान कर दिया है।
पीएम मोदी से मिलकर रखेंगे मांग
सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बताया कि वह जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर RDG को फिर से बहाल करने की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि दिल्ली में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से भी मिलने का समय मांगा था, लेकिन संसद सत्र की व्यस्तता के कारण मुलाकात संभव नहीं हो पाई। दिल्ली में अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम से भी इस मुद्दे पर चर्चा की। सुक्खू के अनुसार, चिदंबरम ने भी RDG को संविधान के अनुच्छेद 275 के तहत छोटे व पहाड़ी राज्यों का अधिकार बताया और उनके हितों की रक्षा की वकालत की। सीएम ने यह भी साफ किया कि प्रदेश में कोई भी पद समाप्त नहीं किया जाएगा और युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्रदान किए जाएंगे।





