
हिमाचल प्रदेश में हालिया आपदा को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के बीच बयानबाज़ी तेज हो गई है। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने मनाली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि आपदाग्रस्त इलाकों का दौरा करने पर यह साफ हुआ कि कई स्थानों पर अब तक न तो राज्य सरकार के मंत्री पहुंचे हैं और न ही अधिकारी। उन्होंने कहा कि उन्होंने कुल्लू से सोलंग गांव तक का दौरा किया, कुछ हिस्सों में वाहन से और कुछ जगह पैदल जाकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। अधिकांश परिवारों का कहना था कि उन्हें प्रदेश सरकार से कोई सहायता नहीं मिली, केवल स्थानीय लोगों ने मिलकर राहत पहुंचाई है।
सावित्री ठाकुर ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार का रवैया बेहद उदासीन है, जबकि केंद्र सरकार हर संभव मदद कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद हिमाचल का दौरा कर 1500 करोड़ रुपये की राशि त्वरित राहत के रूप में जारी की है। प्रधानमंत्री ने अपने मंत्रियों को प्रभावित इलाकों का दौरा करने और विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया है। ठाकुर ने कहा कि उन्होंने विभागीय अधिकारियों से बातचीत की है और एनएचएआई ने आश्वासन दिया है कि कुल्लू-मनाली नेशनल हाईवे को जल्द बहाल किया जाएगा और ब्यास नदी के तटीकरण का काम भी शुरू होगा। फिलहाल प्राथमिकता किसानों और बागवानों की नकदी फसलों को मंडियों तक पहुंचाने की है, ताकि भारी नुकसान के बावजूद उनकी कुछ भरपाई हो सके।
राज्य सरकार पर लापरवाही के आरोप
इसी कड़ी में केंद्रीय जनजातीय मामले राज्य मंत्री दुर्गा दास उइके ने चंबा जिले के भटियात क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और नेशनल हाईवे की खराब हालत का जायजा लिया। धर्मशाला एयरपोर्ट पहुंचने पर भरमौर के विधायक डॉ. जनक राज और भटियात के पूर्व विधायक बिक्रम जरयाल ने उनका स्वागत किया और स्थिति की जानकारी दी। उइके ने कहा कि इस संकट की घड़ी में केंद्र सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और उनकी सभी जरूरतों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।
दुर्गा दास उइके ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संवेदनशीलता और सेवा भावना के कारण ही तुरंत 1500 करोड़ रुपये की राहत राशि जारी की गई। इसका उद्देश्य प्रभावित परिवारों को त्वरित सहायता, पुनर्वास और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार सेवा, संकल्प और सहयोग की भावना से काम कर रही है और प्रदेश को इस आपदा से उबारने के लिए हर संभव कदम उठाएगी। मंत्री ने भरोसा जताया कि सामूहिक प्रयासों से प्रभावित क्षेत्र जल्द सामान्य स्थिति में लौटेंगे।
