हिमाचल राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस में उम्मीदवार की दौड़ तेज, आनंद शर्मा सबसे आगे, प्रतिभा सिंह और धनीराम शांडिल भी दावेदार

हिमाचल प्रदेश में एक राज्यसभा सीट के लिए कांग्रेस में उम्मीदवार चयन को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा का नाम सबसे आगे चल रहा है, वहीं प्रतिभा सिंह, रजनी पाटिल और अब धनीराम शांडिल के रूप में चौथा नाम भी प्रमुख दावेदारों में शामिल हो गया है। पार्टी हाईकमान को 'बाहरी बनाम स्थानीय' के पुराने विवाद को ध्यान में रखते हुए अंतिम फैसला लेना है।
हिमाचल राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस में उम्मीदवार की दौड़ तेज, आनंद शर्मा सबसे आगे, प्रतिभा सिंह और धनीराम शांडिल भी दावेदार

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री और मंत्रियों के दिल्ली दौरे के बीच प्रदेश की एक राज्यसभा सीट के लिए कांग्रेस में लॉबिंग तेज हो गई है। उम्मीदवार की दौड़ में अब तक तीन नाम चल रहे थे, लेकिन अब एक चौथा नाम भी जुड़ गया है, जिससे मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है। पार्टी के दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा को इस रेस में सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक, अंतिम फैसला कांग्रेस आलाकमान को लेना है, लेकिन फरवरी 2024 में बहुमत के बावजूद एक राज्यसभा सीट हारने के बाद पार्टी इस बार कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। ‘बाहरी बनाम स्थानीय’ का मुद्दा एक बार फिर गरमा सकता है, इसलिए हाईकमान हर पहलू पर विचार कर रहा है।

आनंद शर्मा क्यों हैं सबसे आगे?

अनुभवी नेता आनंद शर्मा का नाम इस दौड़ में सबसे आगे चल रहा है। उनकी वरिष्ठता और अनुभव उनके पक्ष में है। हाल ही में उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी की अध्यक्षता में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में भी हिस्सा लिया, जिससे उनकी दावेदारी को और बल मिला है। पार्टी के भीतर एक बड़ा खेमा उन्हें हिमाचल से राज्यसभा भेजने के पक्ष में है।

प्रतिभा सिंह और रजनी पाटिल की मजबूत दावेदारी

इस दौड़ में दूसरा बड़ा नाम पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की पत्नी और मौजूदा सांसद प्रतिभा सिंह का है। उन्हें भी एक सशक्त दावेदार के तौर पर देखा जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि वह भी अपनी दावेदारी पेश करने के लिए जल्द ही दिल्ली का दौरा कर सकती हैं।

वहीं, पार्टी हाईकमान महाराष्ट्र की नेता रजनी पाटिल को भी हिमाचल से भेजने पर विचार कर रहा है। हालांकि, उनकी उम्मीदवारी से प्रदेश में ‘बाहरी बनाम स्थानीय’ का विवाद खड़ा हो सकता है। इसी मुद्दे की वजह से कांग्रेस को पिछली बार क्रॉस-वोटिंग का सामना करना पड़ा था, जिसके चलते पार्टी को हार मिली थी। इसलिए प्रदेश कांग्रेस के अधिकांश नेता स्थानीय उम्मीदवार को ही प्राथमिकता देने की वकालत कर रहे हैं।

चौथे दावेदार धनीराम शांडिल और सियासी समीकरण

इस बीच, सुक्खू सरकार में कैबिनेट मंत्री धनीराम शांडिल का नाम चौथे दावेदार के रूप में सामने आया है। इसके पीछे एक बड़ा सियासी समीकरण काम कर रहा है। अगर शांडिल को राज्यसभा भेजा जाता है, तो कैबिनेट में उनका पद खाली हो जाएगा। इस खाली पद पर कांगड़ा संसदीय क्षेत्र से किसी विधायक को मंत्री बनाया जा सकता है।

इसके अलावा, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पहले ही संकेत दे चुके हैं कि कैबिनेट में खाली पड़े एक अन्य पद पर कुल्लू के विधायक सुंदर सिंह ठाकुर की ताजपोशी लगभग तय है। ऐसे में शांडिल के राज्यसभा जाने से कांगड़ा को भी प्रतिनिधित्व मिल जाएगा, जिससे क्षेत्रीय संतुलन साधने में मदद मिलेगी।

Banshika Sharma
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कंटेंट राइटर

मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma →
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