हिमाचल सरकार ने सभी फल-सब्जियों पर 1% मार्केट फीस फिर से लगाई, 2014 की अधिसूचना रद्द कर सालाना 50 करोड़ कमाई का लक्ष्य

हिमाचल प्रदेश में अब सेब के अलावा सभी फल और सब्जियों पर 1% मार्केट फीस लगेगी। आर्थिक संकट से जूझ रही राज्य सरकार ने 14 जनवरी 2014 की पुरानी अधिसूचना को रद्द करते हुए यह फैसला लिया है। इस कदम से प्रदेश की कृषि उपज विपणन समितियों (APMC) को सालाना 40 से 50 करोड़ रुपए की आय होने की उम्मीद है।
हिमाचल सरकार ने सभी फल-सब्जियों पर 1% मार्केट फीस फिर से लगाई, 2014 की अधिसूचना रद्द कर सालाना 50 करोड़ कमाई का लक्ष्य

हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए राज्य में बिकने वाले सभी फल और सब्जियों पर 1 प्रतिशत मार्केट फीस फिर से लागू कर दी है। यह फीस मंडियों के साथ-साथ सड़क किनारे लगने वाली अस्थायी मंडियों से भी वसूली जाएगी। इस संबंध में कृषि सचिव ने आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं, जिससे करीब 9 साल पुरानी व्यवस्था बदल गई है।

इस फैसले का सीधा असर व्यापारियों के साथ-साथ आम लोगों पर भी पड़ सकता है। अब तक केवल सेब पर ही मार्केट फीस लगती थी, लेकिन अब अन्य सभी फल और सब्जियां भी इसके दायरे में आ गई हैं।

क्यों लिया गया यह फैसला?

राज्य सरकार यह कदम आर्थिक संकट से उबरने और कृषि उपज विपणन समितियों (APMC) की आय बढ़ाने के लिए उठा रही है। इस फैसले के बाद प्रदेश के 10 जिलों की APMC को सालाना 40 से 50 करोड़ रुपए की अतिरिक्त आय होने का अनुमान है। सरकार के अनुसार, इस राशि का उपयोग मंडियों के विकास और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों के निर्माण व रखरखाव के लिए किया जाएगा।

9 साल पुराना फैसला पलटा

दिलचस्प बात यह है कि साल 2014 तक राज्य में सभी फलों और सब्जियों पर एक प्रतिशत मार्केट फीस लगती थी। उस समय देश में महंगाई एक बड़ा मुद्दा था, जिसके चलते तत्कालीन डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए-2 सरकार के कहने पर कांग्रेस शासित राज्यों ने यह फीस हटा दी थी।

हिमाचल की तत्कालीन सरकार ने 14 जनवरी 2014 को एक अधिसूचना जारी कर सेब को छोड़कर बाकी सभी उत्पादों पर मार्केट फीस की वसूली रोक दी थी। इस वजह से शिमला, सोलन और कुल्लू APMC को छोड़कर बाकी सात जिलों की APMC की आय लगभग खत्म हो गई थी। अब सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने हिमाचल प्रदेश एग्रीकल्चर एंड हॉर्टिकल्चर प्रोड्यूस मार्केटिंग (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) एक्ट, 2005 की धारा 64(2) का उपयोग करते हुए उसी पुरानी अधिसूचना को रद्द कर दिया है।

व्यापारियों और बाहरी राज्यों से आने वालों पर भी शिकंजा

नए आदेश के बाद आढ़तियों पर बोझ बढ़ेगा। उदाहरण के लिए, एक करोड़ रुपए के फल और सब्जी बेचने वाले आढ़ती को अब एक लाख रुपए मार्केट फीस के तौर पर APMC को चुकाने होंगे। सड़क किनारे मंडियां चलाने वाले आढ़तियों को भी अब सभी उत्पादों पर यह शुल्क देना होगा।

इसके अलावा, बाहरी राज्यों से हिमाचल में फल-सब्जियां लाने वाले कारोबारियों पर भी शिकंजा कसा जाएगा। उन्हें राज्य में प्रवेश करते समय टोल बैरियर पर ही एक प्रतिशत मार्केट फीस का भुगतान करना होगा। कृषि सचिव सी. पालरासू ने पुष्टि करते हुए कहा, “मार्केट फीस बहाली को लेकर आदेश जारी कर दिए गए हैं और इसे तुरंत प्रभाव से लागू किया जाएगा।”

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