हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एचपीटीडीसी) ने राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने और अपने होटलों की कमाई बढ़ाने के लिए ऑनलाइन ट्रैवल कंपनी मेक माई ट्रिप के साथ बड़ा समझौता किया है। इस करार के तहत अब निगम के सरकारी होटल मेक माई ट्रिप के प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगे और पर्यटक इन्हें आसानी से ऑनलाइन बुक कर सकेंगे। शुक्रवार को प्रेस वार्ता में कैबिनेट रैंक मंत्री एवं एचपीटीडीसी के अध्यक्ष आर.एस. बाली ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस समझौते के तहत मेक माई ट्रिप ने निगम को एडवांस में 2 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की है।
मंत्री बाली ने कहा कि इस समझौते से एचपीटीडीसी के 56 होटलों की ऑनलाइन बुकिंग संभव होगी। इससे निगम की टर्नओवर बढ़ेगी और मुनाफे की राह खुलेगी, जिसका सीधा फायदा प्रदेश सरकार को मिलेगा। उन्होंने कहा कि मेहमानों से मिलने वाला ऑनलाइन फीडबैक निगम की सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद करेगा। साथ ही, मेक माई ट्रिप द्वारा एडवांस में होटल के कमरों की बुकिंग किए जाने से एचपीटीडीसी को स्थिर राजस्व का नया स्रोत मिलेगा और एश्योर्ड बिजनेस की गारंटी भी होगी।
एचपीटीडीसी को मिलेगा एश्योर्ड बिजनेस
आर.एस. बाली ने यह भी स्पष्ट किया कि अब तक एचपीटीडीसी ने सरकार से किसी भी प्रकार की वित्तीय मदद नहीं ली है। उन्होंने कहा कि यदि एडीबी बैंक से ऋण प्राप्त होता है तो प्रदेश के सभी निगम होटलों को फाइव-स्टार श्रेणी में तब्दील किया जा सकता है, क्योंकि एचपीटीडीसी के होटल प्राइम लोकेशन्स पर स्थित हैं। उन्होंने बताया कि निगम का मुख्यालय शिमला से धर्मशाला स्थानांतरित कर दिया गया है ताकि बेहतर प्रशासन और पर्यटन को नई ऊर्जा मिल सके।
गौरतलब है कि प्रदेश के प्रमुख टूरिस्ट स्पॉट्स पर एचपीटीडीसी के होटल मौजूद हैं, लेकिन इनमें से कई होटल लंबे समय से घाटे में चल रहे हैं। सरकार ने पहले इन घाटे वाले होटलों को निजी हाथों में देने का ऐलान किया था, जिस पर काफी सियासी विवाद खड़ा हुआ। मामला अदालत तक पहुंचा और हाईकोर्ट ने घाटे में चल रहे 18 होटलों को बंद करने का आदेश भी दिया था, हालांकि बाद में उस आदेश पर रोक लगा दी गई।
ऐसे हालात में मेक माई ट्रिप के साथ यह करार एचपीटीडीसी के लिए अहम साबित हो सकता है। एक तरफ जहां निगम को स्थिर राजस्व का स्रोत मिलेगा, वहीं दूसरी ओर पर्यटन कारोबारियों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा। सरकार को उम्मीद है कि इस साझेदारी से पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाइयां मिलेंगी और घाटे में चल रहे होटलों को फिर से लाभ में लाया जा सकेगा।





