अनंत चतुर्दशी पर इन 3 प्रसिद्ध मंदिरों में उमड़ेगी श्रद्धालुओं की भीड़, परिवार संग आप भी करें दर्शन

Anant Chaturdashi 2024: अनंत चतुर्दशी के शुभ अवसर पर मुंबई के तीन प्रमुख मंदिरों में भारी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए उमड़ते हैं।
Anant Chaturdashi 2024

Anant Chaturdashi 2024: गणेश चतुर्थी के दसवें दिन को अनंत चतुर्दशी कहा जाता है। यह दिन गणपति बप्पा के विदाई का दिन होता है। इस दिन गणेश जी की मूर्तियों को विसर्जित किया जाता है। 10 दिन तक चलने वाले गणेश चतुर्थी के उत्सव का अनंत चतुर्दशी के दिन समापन हो जाता है।

इस दिन भक्तजन नम आंखों से प्रिय गणपति बप्पा को विदा करते हैं। साथ ही साथ अगली बार फिर आने का निमंत्रण भी देते हैं। यह त्यौहार न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी गहरा प्रभाव रखता है। लोग इस दिन जगह-जगह मंदिरों में भगवान गणेश के दर्शन के लिए जाते हैं। आज हम आपको बताएंगे, अगर आप मुंबई में रहते हैं या फिर आप मुंबई घूमने जा रहे हैं तो आप वहां किन-किन मंदिरों में दर्शन करने जा सकते हैं।

स्वयंभू गणेश मंदिर

मुंबई में स्थित स्वयंभू गणेश मंदिर एक प्राचीन और प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। इस मंदिर को लेकर ऐसी मान्यता है कि यहां भगवान गणेश की प्रतिमा स्वयं प्रकट हुई है। भक्तों का विश्वास है कि इस मंदिर में पूजा करने से जीवन में सुख समृद्धि और शांति मिलती है। खासतौर पर इस मंदिर का माहौल गणेश चतुर्थी के पर्व पर अलग ही देखने को मिलता है साथ ही साथ अनंत चतुर्दशी के दिन भी यहां भारी भीड़ उमड़ती है।

आनंद नगर गणेश मंदिर

अनंत चतुर्दशी के दिन आप गणपति बप्पा के दर्शन करने के लिए मंदिर जाना चाहते हैं, लेकिन आप चाहते हैं कि आप ऐसे मंदिर जाए जहां आपको ज्यादा भीड़ का सामना न करना पड़े तो यह मंदिर आपके लिए बिल्कुल परफेक्ट है। इस मंदिर में आप बप्पा की पूजा अर्चना एक विशेष तरीके से कर सकते हैं यहां ज्यादा भीड़ नहीं रहती है इसलिए आप शांति से भगवान गणेश के दर्शन कर सकते हैं। यह मंदिर स्थानीय लोगों की आस्था का केंद्र है।

फडके वाडी गणपती मंदिर

मुंबई के गिरगांव स्थित यह प्राचीन गणेश मंदिर अपनी अनूठी विशेषताओं के लिए मशहूर है। यह मंदिर जड़ी बूटियों से घिरा हुआ है। इस मंदिर की यह खास बात है कि यहां गणपति बप्पा की मूर्ति जड़ी बूटियों से बनी हुई है। ऐसा माना जाता है कि दुनिया में रिद्धि सिद्धि वाले गणपति बप्पा की केवल तीन मूर्तियां हैं और इनमें से एक मूर्ति इसी मंदिर में विराजमान है। अनंत चतुर्दशी के दिन यहां भारी संख्या में भक्तजन बप्पा के दर्शन के लिए आते हैं।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ समाज तक पहुंचाने का माध्यम है। तथ्यों की पड़ताल, महत्वपूर्ण मुद्दों को समझना और निष्पक्ष खबरों के जरिए लोगों की आवाज़ बनना मेरी पत्रकारिता की पहचान है। View all posts by Bhawna Choubey →
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