दिवाली 2025 का अनोखा उपाय: 9 बजकर 9 मिनट पर 9 बाती वाले दीपक से करें ये काम, चमकेगा भाग्य

20 अक्टूबर 2025 को पड़ने वाली बड़ी दिवाली पर सिर्फ दीयों से घर जगमगाना ही नहीं, बल्कि ग्रहों की नकारात्मकता मिटाने का भी सुनहरा अवसर है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस रात 9 बजे 9 मिनट पर 9 बाती का ‘नवज्योति दीया’ जलाने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का संचार होता है।
Diwali 2025

20 अक्टूबर 2025 की रात पूरे देश में दीपों का महासमुद्र बहेगा। गलियां, छतें और मंदिर चमचमाती रोशनी में नहाएंगे। हर ओर उत्साह और उमंग का माहौल रहेगा। लेकिन इस बार दिवाली (Diwali 2025) केवल रोशनी और मिठाइयों का नहीं, बल्कि ग्रहों की कृपा प्राप्त करने का भी विशेष अवसर लेकर आई है।

ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, इस वर्ष की दिवाली संयोग से बेहद दुर्लभ है, साल 2025 के अंकों का योग (2+0+2+5 = 9) मंगल ग्रह का प्रतीक है और यही 9 संख्या नवग्रहों का भी प्रतिनिधित्व करती है। ऐसे में इस रात 9 बजकर 9 मिनट पर ‘नवज्योति दीया’ जलाने से ग्रह दोषों से मुक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार संभव है।

क्या है नवज्योति दीया और क्यों है इतना खास?

‘नवज्योति दीया’ कोई साधारण दीपक नहीं है। यह एक ऐसा विशेष दीपक है जिसमें नौ बातियां होती हैं, जो नवग्रहों का प्रतिनिधित्व करती हैं। जब यह नौ दिशाओं से प्रज्वलित होता है, तो माना जाता है कि घर के वातावरण में हर ग्रह की शुभ ऊर्जा फैल जाती है।

नवज्योति दीया में नौ बातियां किसे दर्शाती हैं

सूर्य – आत्मविश्वास और ऊर्जा का प्रतीक

चंद्र – मानसिक शांति और भावनात्मक स्थिरता

मंगल – साहस और शक्ति

बुध – बुद्धि और वाणी की स्पष्टता

गुरु – ज्ञान और धन

शुक्र – प्रेम और सौंदर्य

शनि – कर्म और न्याय

राहु – रहस्य और परिवर्तन

केतु – अध्यात्म और मुक्ति

कब और कैसे करें नवज्योति दीया का प्रयोग

इस दिवाली, 20 अक्टूबर की रात ठीक 9 बजकर 9 मिनट पर यह दीपक जलाने का महत्व बताया गया है। यह वह समय है जब नवग्रहों की ऊर्जा धरती पर सबसे सक्रिय रहती है।

दीया जलाने की विधि

  • पीतल या मिट्टी का बड़ा दीया लें।
  • उसमें नौ बातियां एक गोलाकार रूप में लगाएं।
  • शुद्ध घी या तिल के तेल से दीपक भरें।
  • दीपक के नीचे लाल कपड़ा बिछाएं और उस पर चावल या अक्षत रखें।
  • मां लक्ष्मी और भगवान गणेश का स्मरण करें।

इस उपाय से दूर होंगे ग्रह दोष और बढ़ेगी सकारात्मकता

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में शनि, राहु या मंगल के दोष हैं, तो यह उपाय अत्यंत प्रभावी है। जब ‘नवज्योति’ जलती है, तब घर में पॉजिटिव एनर्जी का संचार होता है। नकारात्मकता और ग्रहों के अशुभ प्रभाव स्वतः ही कम होने लगते हैं। यह दीपक घर के मुख्य द्वार, मंदिर या आंगन में जलाना श्रेष्ठ माना गया है। माना जाता है कि इससे केवल ग्रह दोष ही नहीं, बल्कि आर्थिक और मानसिक बाधाएं भी दूर होती हैं।

दिवाली और अंक ज्योतिष का संबंध

दिवाली 2025 के वर्ष में 9 अंक का संयोग बनना कोई संयोग नहीं बल्कि एक आध्यात्मिक संकेत है। अंक 9 को मंगल ग्रह का अंक कहा गया है, जो ऊर्जा, निर्णय और उत्साह का प्रतीक है। दिवाली की रात जब ब्रह्मांड में सकारात्मक तरंगें सबसे अधिक होती हैं, तब अगर व्यक्ति नवज्योति जलाता है तो यह मंगल ऊर्जा को स्थिर करता है और जीवन में संतुलन लाता है। इसके अलावा, 9 बजे 9 मिनट का समय भी अद्भुत संगम है, यह वह क्षण होता है जब दिन की समाप्ति और रात्रि की ऊर्जा एक साथ मिलकर जीवन के हर क्षेत्र में परिवर्तन की शक्ति देती हैं।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
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