लॉकडाउन में बाइक सवार बदमाशों ने की चेन स्नेचिंग, सीसीटीवी में कैद हुई घटना

लॉकडाउन में बाइक सवार बदमाशों ने की चेन स्नेचिंग, सीसीटीवी में कैद हुई घटना

इंदौर/आकाश धोलपुरे

इंदौर में कोरोना संकट के साइड इफेक्ट अब सामने आने लगे हैं और ये ही वजह है कि लंबे समय बाद इंदौर में चोरों ने चैन स्नैचिंग की वारदात को अंजाम दिया। दरअसल, कड़े सुरक्षा बंदोबस्त के बावजूद अब चोरों ने भी वायरस की तरह अटैक करना शुरू कर दिया है, जिसके चलते घर के बाहर टहल रही एक महिला के गले से चंद सेंकड में ही चैन लूट कर बदमाश भाग खड़े हुए है।

बाइक सवार चोरों ने मंगलवार रात 11 से 11.30 बजे के बीच वारदात को अंजाम दिया। बाइक सवार बदमाश तेजी से महिला के करीब आये और चैन लूटकर भाग खड़े हुए। तेज रफ्तार बाइक सवार 2 बदमाशों के चले जाने के बाद महिला ने शोर मचाया तब तक वो सुनसान रास्ते का फायदा उठाकर निकल गए। बताया जा रहा है कि इसके बाद परिजन और पड़ोस के लोग एकत्रित हुए और पुलिस को इसकी सूचना दी गई जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने तफ्तीश शुरू कर दी। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है जिसमें बाइक सवारों की करतूत कैद हो गई है। अब पुलिस फुटेज के आधार पर बदमाशों को अपने शिकंजे में लेने के लिए जुट गई है। लॉक डाउन के दौरान सामने आई ये वारदात इस बात का संकेत पुलिस को दे रही है कि आने वाले वक्त में उसे न सिर्फ वारियर्स के रूप में बल्कि अपने असली को रूप को भी सामने लाना होगा जिसका खौफ बदमाशो में रहता है।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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