पत्थरों से हमला करने वाला क्षेत्र 14 दिन बाद हो सकता है कोरोना मुक्त

पत्थरों से हमला करने वाला क्षेत्र 14 दिन बाद हो सकता है कोरोना मुक्त

इंदौर/आकाश धोलपुरे

कोरोना संकट की शुरुआत का दौर और अफवाह फैलाने वाले संदेशों के जोर के बाद इंदौर में स्वास्थ्य विभाग की टीम पर पत्थरों से हमला बोलने वाला क्षेत्र जल्द ही कोरोना मुक्त घोषित हो सकता है। स्वास्थ्य विभाग की मानें तो अगले 14 दिन में यदि क्षेत्र से कोई भी कोरोना लक्षण वाला मरीज सामने नही आता है तो क्षेत्र को हॉट स्पाट से अलग माना जा सकता है।

हम बात कर रहे है इंदौर के टाटपट्टी बाखल क्षेत्र की जहां करीब 35 दिन पहले डॉक्टरों व पुलिसकर्मियों की टीम पर हमला किया गया था, जिसके बाद ये क्षेत्र देश मे विवादित कोरोना क्षेत्र के रूप में सुर्खियों में आया था। लेकिन अब हालात बदल गए है अब यह क्षेत्र कोरोना मुक्त क्षेत्र बनने की राह तेजी से पकड़ता दिखाई दे रहा है !

बता दे कि 1 अप्रैल को टाटपट्टी बाखल में रहवासियों ने क्षेत्र में आए स्वास्थ्यकर्मियों की टीम पर पत्थर बरसाए थे और उन्हें जान बचाकर भागने पर मजबूर कर दिया था। इसके बाद दोषियों पर एनएसए के तहत कार्रवाई भी की गई थी। रहवासियों के रवैये के पीछे सोशल मीडिया पर चलाये गए भ्रामक संदेश की जानकारी सामने आई थी जिसके चलते दुष्प्रचार के प्रभाव में आये रहवासियों द्वारा स्वास्थ्यकर्मियो पर पत्थर बरसाए गए थे। टाटपट्टी बाखल में 41 पॉजिटिव केस सामने आए थे और वर्तमान में क्षेत्र में एक भी कोरोना पॉजिटिव मरीज नही है। जहां पॉजिटिव मरीजों में से अधिकतर लोगो ने कोरोना को मात दे दी है और वो अपने घर लौट चुके हैं। इसके बाद लोगो में डॉक्टर्स पर अटूट विश्वास जागा है। टाटपट्टी बाखल में रहने वाले शाकिर नामक युवक की माने तो क्षेत्र में जितने लोग पॉजिटिव थे वो सब ठीक हो चुके है वही पहले की स्थिति और वर्तमान की स्थिति में बहुत अंतर आया है और क्षेत्र पर लगे बदनुमा दाग भी धुलते नजर आ रहे है। वही एक अन्य रहवासी ने मेडिकल टीम व पुलिस प्रशासन का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि ऐसे समय पर प्रशासन ने आकर हम सबकी जान बचाई है ऐसा लग रहा है मानो हमारी ईद हो गई हो।

इधर, रहवासियों का हमला झेलकर दोबारा से उनकी जान बचाने में जुटी डॉ. तृप्ति की मानें तो अब क्षेत्र में अब सब कुछ बदल गया है। डॉक्टर्स की टीम क्षेत्र में रेगुलर आ रही है और लोग जांच में सहयोग भी कर रहे है। उन्होंने बताया कि घटना के बाद के कई बार स्वास्थ्य टीम का वेलकम भी किया गया है और अब लोग टीम के सदस्यों के हाल भी पूछने लगे हैं। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में कोरोना के मरीज ठीक हो रहे है और यह सब पूरी टीम की मेहनत है।

वही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रवीण जाड़िया का कहना है कि टाटपट्टी बाखल में कुल 41 लोग पॉजिटिव आए थे और वर्तमान में पॉजिटिव केस आना बंद हो गये है। जिसके बाद माना जा सकता क्षेत्र पूरी तरह से कोरोना मुक्त राह की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि स्वस्थ होकर घर लौट चुके लोगो को 14 दिन के होम आईसोलेशन में रहना है और यदि आगे कोई नया केस नही आता है तो स्वास्थ्य विभाग क्षेत्र को हॉटस्पॉट से अलग मानेगा।

फिलहाल, इंदौर का सबसे संवेदनशील कोरोना हॉट स्पाट क्षेत्र, तेजी से सुधार की ओर बढ़ रहा है और इसके पीछे मेहनत है उन कोरोना वारियर्स की जिनको 35 दिन पहले तक रहवासी जान के दुश्मन मान रहे थे लेकिन अब रहवासियों के सामने ये सच भी आ गया है कि वाकई धरती पर ईश्वर का रूप डॉक्टर ही है जिनकी मेहनत से सभी की ईद है और सभी की दिवाली भी।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews