एमपी बोर्ड परीक्षाएं साइबर ठगों के निशाने पर, पुलिस ने विद्यार्थियों के लिए एडवाइजरी जारी की

डीसीपी दंडोतिया ने छात्रों से अपील की कि किसी भी अनजान लिंक, ग्रुप या प्रोफाइल पर भरोसा न करें और कोई पैसा ट्रांसफर न करें।
Indore Police Advisory

Indore Police Advisory

मध्यप्रदेश में जारी बोर्ड परीक्षाओं के बीच साइबर ठग नए तरीकों से बच्चों को निशाना बना रहे हैं। इंदौर पुलिस ने इंस्टाग्राम, फेसबुक और टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी बोर्ड पेपर बनाकर छात्रों को ठगा जाने की जानकारी सामने आने के बाद एडवाइजरी जारी की है।

मध्य प्रदेश में कक्षा दसवीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं चल रहीं हैं, जिसकी शुरुआत फरवरी के पहले हफ्ते से हो चुकी है, बोर्ड परीक्षाओं के बाद साइबर ठग अब बच्चों को सोशल मीडिया के माध्यम से टारगेट कर रहे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर ठग पेपर लीक होने का मेसेज वायरल करते हैं और असली पेपर देने का झांसा देते हैं कई छात्रों ने पुलिस से शिकायत भी की है।

पैसा मिल जाने के बाद ठग नम्बर ब्लॉक कर देते हैं

शिकायतों के बाद इंदौर पुलिस ने इस एलेकर एक एडवाइजरी जारी की है, एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने अभिभावकों और छात्रों को सतर्क रहने का अनुरोध किया है, उन्होंने कहा कि ठग झांसा देते हैं और पैसा मिल जाने के बाद वो नम्बर ब्लॉक कर देते हैं, इससे सावधान रहें ।

सोशल मीडिया पर मिलने वाले पेपर पर भरोसा न करें

डीसीपी दंडोतिया ने कहा कि बोर्ड परीक्षा के प्रश्नपत्र गोपनीय रखे जाते हैं वे अपनी मेहनत पर भरोसा करें सोशल मीडिया पर मिलने वाले किसी भी पेपर पर भरोसा न करें।  उन्होंने बताया कि साइबर क्राइम टीम ऐसे गिरोहों पर लगातार नजर रखे हुए है।

विद्यार्थी अपनी तैयारी पर ध्यान दें, किसी भी भ्रम में न आएं

दंडोतिया ने छात्रों से अपील की कि किसी भी अनजान लिंक, ग्रुप या प्रोफाइल पर भरोसा न करें और कोई पैसा ट्रांसफर न करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत नजदीकी थाने या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दें। इंदौर पुलिस ने परीक्षार्थियों को सलाह दी है कि वे तैयारी पर ध्यान दें और किसी भी भ्रम में न आएं।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews