मॉब लिचिंग: DGP की अपील- बिना सोचे समझे किसी भी हिंसात्मक गतिविधि का अंग ना बने

मॉब लिचिंग: DGP की अपील- बिना सोचे समझे किसी भी हिंसात्मक गतिविधि का अंग ना बने

इंदौर।आकाश धोलपुरे। धार जिले के मनावर की घटना से समाज के हर वर्ग में रोष है। जहां मॉब को लेकर प्रदेश के राजनीतिक हालात में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है वही सरकार के लिए भी ये घटना एक बड़ी चुनौती के रूप में सामने आई है। इधर, मध्यप्रदेश पुलिस के पुलिस महानिदेशक व्ही. के.सिंह ने भी घटना को दुःखद बताते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन इंदौर में दिया है।

इंदौर में, पुलिस सम्मेलन में शिरकत करने के बाद उन्होंने मीडिया से चर्चा की। इसी दौरान उनसे धार के मनावर में किसानों पर हुए हमले पर मीडिया ने सवाल किए तो प्रदेश के डीजीपी ने कहा कि मनावर घटना में अब तक 3 लोग गिरफ्तार हुए है उन्होंने घटना को दुखद और बहुत ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटना में, मानसिकता पर लोगो को ध्यान देने की आवश्यकता है। पुलिस घटना के मामले में जितना हो सकता है उतना करेगी। वही उन्होंने कहा कि मै मीडिया के माध्यम से पूरे समाज से अपील करना करना चाहूंगा कि कोई भी बिना देखे, बिना सोचे, बिना समझे किसी भी हिंसात्मक गतिविधि का अंग ना बने।

इंदौर में डीजीपी ने कहा कि इस तरह की अफवाहें पहले भी चली थी और अफवाहों का बाजार गर्म रहा था जिसके बाद उसे कंट्रोल करने के लिए देशव्यापी अभियान चलाना पड़ा था। वही मीडिया ने जब उनसे सवाल पूछा कि घटना के जो वीडियो सामने आए है उनमें पुलिस भी नजर आ रही है तो इस पर डीजीपी ने कहा कि पुलिस की एक लिमिटेशन है हालांकि पुलिस अपनी जिम्मेदारी से बच नही सकती है हमने कार्रवाई की है पुलिस के खिलाफ भी। जिसके चलते एक टीआई, एक सब इंस्पेक्टर और 3 -4 अन्य लोगो को सस्पेंड किया है और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी होगी। वही उन्होंने ये भी साफ किया कि जहां मॉब आ जाता है वहां उसको कंट्रोल करने के लिए वो लोग भी उसमे सम्मिलित होने चाहिए जो वहां देखकर वीडियो बना रहे थे।

घटना में लापरवाह पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई के साथ ही डीजीपी ने आश्वस्त किया कि 3 लोग गिरफ्तार हुए है और दोषियों को बख्शा नही जाएगा। डीजीपी के इंदौर में दिए बयान से ये तो साफ है कि वाकई समाज के सभी वर्गों को ये संकल्प जरूर लेना चाहिये कि केवल फैलाई गई अफवाह हकीकत नही होती है इसलिए किसी भी हिंसात्मक गतिविधि में शामिल होने के पहले जेहन में इस बात को बिठा लेना चाहिये कि आखिर इसके पीछे की वजह क्या है और क्यों हम ऐसी घटना का हिस्सा बने ?

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews