गणतंत्र दिवस पर सेना की वर्दी पहनकर घूम रहा था नकली फौजी, ऐसे पकड़ा गया

गणतंत्र दिवस पर सेना की वर्दी पहनकर घूम रहा था नकली फौजी, ऐसे पकड़ा गया

इंदौर/महू, आकाश धोलपुरे| महू छावनी (Mhow Cantonment) में गणतंत्र दिवस (Republic Team) के दिन जगह जगह तिरंगे के साथ फोटो लेने वाले एक नकली फौजी (Fake Army Man) को पुलिस और सेना की इंटेलिजेंस टीम ने पकड़ा है| बताया जा रहा है पकड़े गए व्यक्ति का नाम मिथुन पुत्र रामप्रसाद निवासी राजगढ़ है। वह कपारो कंपनी में नौकरी करता था|

जानकारी के मुताबिक यह व्यक्ति सेना की वर्दी में महू छावनी क्षेत्र में घूम रहा था। इस दौरान उसने कई स्थानों पर तस्वीरें भी लीं। इसी दौरान सेना के जवानों ने देखा और पूछताछ की। पूछताछ में वो घबराया और अपने आपको सेना का जवान बताया और महू में ही तैनात बिहार रेजीमेंट का नाम लिया। लेकिन शंका होने पर जवानों ने और पूछताछ की| जब पूछताछ में उसने मोबाइल फोन पर एकआईडेंटिटी कार्ड दिखाया। वो कार्ड किसी और व्यक्ति का सीएसडी कैंटीन कार्ड था। इसके बाद सेना की इंटेलिजेंस यूनिट को जानकारी दे दी गई।

इंटेलीजेंस टीम ने उससे पूछताछ की और उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। बताया गया कि मिथुन का सपना था कि वह सेना में भर्ती हो लेकिन चयन नहीं हुआ। अपने सपने को पूरा करने के लिए इसीलिए वह सेना की वर्दी पहनकर घूमता था। लेकिन मंगलवार को नकली फौजी असली जवानों के हाथ चढ़ गया| फिलहाल युवक से पूछताछ जारी है|

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews