इंदौर में कांग्रेस ने पोस्टर लगाकर नगर निगम पर साधा निशाना, पूछा – ‘अगर विकास हुआ तो फिर शहर की प्रमुख सड़कें बदहाल क्यों?’

इंदौर नगर निगम के चार साल पूरे होने पर कांग्रेस नेताओं ने शहरभर में पोस्टर लगाकर भाजपा परिषद के विकास दावों पर सवाल उठाए हैं। दरअसल '4 साल इंदौर बेहाल' अभियान के जरिए खराब सड़कों, अधूरे निर्माण और बारिश में बढ़ी परेशानियों को मुद्दा बनाया गया।
इंदौर में कांग्रेस ने पोस्टर लगाकर नगर निगम पर साधा निशाना, पूछा - 'अगर विकास हुआ तो फिर शहर की प्रमुख सड़कें बदहाल क्यों?'

इंदौर नगर निगम के चार साल पूरे होने पर कांग्रेस ने भाजपा परिषद के खिलाफ पोस्टर अभियान शुरू किया है। दरअसल शहर के अलग-अलग हिस्सों में लगाए गए पोस्टरों में कांग्रेस नेताओं ने खराब सड़कों और अधूरे विकास कार्यों का मुद्दा उठाते हुए सवाल किया कि अगर विकास हुआ है तो शहर की प्रमुख सड़कें अब भी बदहाल क्यों हैं। इस अभियान के बाद शहर की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है।

दरअसल ‘4 साल इंदौर बेहाल’ अभियान का नेतृत्व कांग्रेस नेता विवेक खंडेलवाल और गिरीश जोशी ने किया। दोनों नेताओं ने कहा कि नगर निगम लगातार शहर में बड़े विकास कार्यों का दावा करता रहा है, लेकिन जमीनी हालात इन दावों से मेल नहीं खाते। कांग्रेस का आरोप है कि कई प्रमुख मार्ग लंबे समय से खुदे पड़े हैं या उनकी हालत खराब बनी हुई है। पोस्टरों के जरिए लोगों का ध्यान इन्हीं समस्याओं की ओर आकर्षित करने की कोशिश की गई। पार्टी का कहना है कि नागरिक रोजाना ट्रैफिक, धूल, गड्ढों और अधूरे निर्माण कार्यों से परेशान हैं, जबकि विकास के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं।

इंदौर की सड़कों का मुद्दा बना राजनीतिक बहस

वहीं कांग्रेस नेताओं ने नसिया रोड, गुजराती स्कूल क्षेत्र, जूनी इंदौर, चंद्रभागा और कलाकुई मस्जिद मार्ग सहित कई इलाकों का जिक्र करते हुए दावा किया कि इन स्थानों पर लंबे समय से सड़क निर्माण या मरम्मत का काम पूरा नहीं हो सका है। उनका कहना है कि बारिश के दौरान इन रास्तों पर जलभराव और गड्ढों की वजह से आम लोगों, व्यापारियों, छात्रों और वाहन चालकों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि जब करोड़ों रुपये विकास कार्यों पर खर्च किए जा रहे हैं, तब भी शहर की बुनियादी सुविधाओं की स्थिति संतोषजनक क्यों नहीं है। पोस्टर अभियान के जरिए पार्टी ने नगर निगम से इन समस्याओं के समाधान की मांग भी उठाई है।

नगर निगम के चार साल पूरे

दरअसल इंदौर लगातार देश के सबसे स्वच्छ शहरों में अपनी पहचान बनाए हुए है और शहर में कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट भी चल रहे हैं। हालांकि, सड़क निर्माण, सीवरेज, पाइपलाइन और अन्य विकास कार्यों के कारण कई इलाकों में नागरिकों को अस्थायी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में विपक्ष इन्हीं मुद्दों को लेकर नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल उठा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में शहर के विकास कार्य, ट्रैफिक व्यवस्था और सड़क सुधार जैसे मुद्दे स्थानीय राजनीति के प्रमुख विषय बन सकते हैं।

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Rishabh Namdev

4 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev →
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