इंदौर की धर्मराज कॉलोनी में IPL सट्टे का भंडाफोड़, वेबसाइट से करोड़ों का सट्टा खिलवाता था आरोपी, पुलिस ने रंगे हाथों पकड़ा

इंदौर में क्राइम ब्रांच ने आईपीएल सट्टा संचालित करने वाले एक युवक को उसके घर से दबोचा है, जो वेबसाइट के जरिए सट्टा खिलवाता था और ब्याज पर पैसा भी देता था। जानिए यह पूरा मामला क्या है?
इंदौर की धर्मराज कॉलोनी में IPL सट्टे का भंडाफोड़, वेबसाइट से करोड़ों का सट्टा खिलवाता था आरोपी, पुलिस ने रंगे हाथों पकड़ा

इंदौर की धर्मराज कॉलोनी में आईपीएल सट्टे का एक बड़ा खेल चल रहा था, जिस पर इंदौर क्राइम ब्रांच ने शुक्रवार देर रात दबिश देकर एक युवक को रंगे हाथों धर दबोचा है। वहीं इस कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और सट्टा कारोबारियों में दहशत फैल गई। आरोपी अपने घर से ही दो मोबाइल फोन और एक विशेष वेबसाइट के माध्यम से आईपीएल मैचों पर धड़ल्ले से सट्टा लगवा रहा था। पुलिस ने मौके से करीब एक लाख रुपए का सामान जब्त किया है और इस सट्टा रैकेट से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी है।

जानिए कैसे मामले का खुलासा हुआ?

दरअसल डीसीपी राजेश कुमार त्रिपाठी ने शनिवार को इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए मीडिया को बताया कि क्राइम ब्रांच को शुक्रवार को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी। सूचना में बताया गया था कि धर्मराज कॉलोनी स्थित एक मकान में बड़े पैमाने पर आईपीएल सट्टा संचालित किया जा रहा है। इस गोपनीय जानकारी के आधार पर तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया गया जिसने शुभम उर्फ मोनू यादव नामक युवक के घर पर दबिश दी। जब पुलिस टीम ने घर में प्रवेश किया, तो शुभम उर्फ मोनू यादव अपने लिविंग रूम में बैठकर टीवी पर आईपीएल मैच देख रहा था और उसी समय वह अपने दो मोबाइल फोन के जरिए लगातार सट्टा ऑपरेट कर रहा था। वह न केवल लोगों से दांव लगवा रहा था, बल्कि उन्हें सट्टे के लिए मोटी रकम उधार भी देता था और उस पर भारी-भरकम ब्याज भी वसूलता था, जिससे उसकी सूदखोरी का धंधा भी उजागर हुआ।

कैसे कर रहा था काम?

क्राइम ब्रांच की टीम ने मौके से शुभम उर्फ मोनू यादव को तुरंत गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से दो मोबाइल फोन, एक एलईडी टीवी और सट्टा संचालित करने में प्रयुक्त अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण सहित कुल करीब एक लाख रुपए का सामान बरामद किया गया है। शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह एक विशेष गेमिंग वेबसाइट, जिसका नाम Allpanelexch9.co.website है, के माध्यम से यह पूरा गोरखधंधा चला रहा था। वह अपने ग्राहकों से तय पेमेंट लेकर उन्हें ऑनलाइन गेमिंग आईडी और पासवर्ड उपलब्ध करवाता था, जिसके जरिए वे विभिन्न आईपीएल मैचों पर अपनी पसंदीदा टीम या खिलाड़ियों पर दांव लगाते थे।

जब्त किए गए मोबाइल फोन

आरोपी के जब्त किए गए मोबाइल फोन की गहन तकनीकी जांच में लाखों रुपए के ऑनलाइन ट्रांजेक्शन का खुलासा हुआ है। इन वित्तीय लेनदेन के विस्तृत रिकॉर्ड के आधार पर क्राइम ब्रांच अब इस सट्टा रैकेट के तार कहां-कहां तक फैले हैं, इसका पता लगाने में जुटी है। डीसीपी त्रिपाठी ने यह भी बताया कि आरोपी शुभम उर्फ मोनू यादव केवल 10वीं कक्षा तक ही पढ़ा है, लेकिन उसने सट्टेबाजी और सूदखोरी जैसे अवैध धंधों में गहरी पैठ बना ली थी। वह शहर के कई लोगों को तय रकम लेकर गेमिंग आईडी और पासवर्ड मुहैया कराता था और उन्हें गेमिंग के लिए वर्चुअल कॉइन्स उपलब्ध कराकर सट्टा खिलवाता था। पुलिस अब आरोपी के सभी बैंक खातों की भी जांच कर रही है ताकि उसके अवैध धन और इस रैकेट में शामिल अन्य सहयोगियों का पर्दाफाश किया जा सके।

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Rishabh Namdev

4 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev →
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