इंदौर के कनाड़िया क्षेत्र में रविवार सुबह एक बार फिर सड़क हादसे ने लोगों को झकझोर दिया। उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन के लिए निकला एक परिवार हादसे का शिकार हो गया। सुबह करीब छह बजे, जब सड़क पर ज्यादा आवाजाही नहीं थी, तभी कनाड़िया ब्रिज के पास तेज रफ्तार में जा रही एक कार अचानक आगे चल रहे डंपर से टकरा गई।
टक्कर इतनी तेज थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और कुछ ही पलों में खुशहाल यात्रा अफरा-तफरी में बदल गई। यह हादसा सिर्फ एक एक्सीडेंट नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। हादसे में तीन श्रद्धालु घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। राहत की बात यह रही कि कार में मौजूद अन्य लोग सुरक्षित बच गए, लेकिन डंपर चालक मौके से फरार हो गया, जिससे गुस्सा और चिंता दोनों बढ़ गई हैं।
कनाड़िया ब्रिज के पास कैसे हुआ हादसा
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह सड़क हादसा कनाड़िया ब्रिज के पास हुआ। आगे चल रहे डंपर चालक ने एक आयशर वाहन को रास्ता देने के लिए अचानक ब्रेक लगा दिए। पीछे से आ रही अर्टिगा कार को संभलने का मौका नहीं मिला और वह सीधे डंपर में जा घुसी। टक्कर के बाद डंपर चालक बिना रुके वाहन लेकर भाग निकला। इंदौर के कई इलाकों में भारी वाहन बिना किसी चेतावनी के अचानक ब्रेक लगा देते हैं। यही लापरवाही कई बार जानलेवा बन जाती है। कनाड़िया क्षेत्र में हुआ यह हादसा भी उसी का उदाहरण है, जहां कुछ सेकंड की चूक ने पूरे परिवार को अस्पताल पहुंचा दिया।
उज्जैन दर्शन के लिए निकला था नासिक का परिवार
हादसे में घायल हुए लोग महाराष्ट्र के नासिक के रहने वाले हैं। नीलेश वाकले, उनकी पत्नी मेघा और बेटा अंशू इस दुर्घटना में घायल हुए हैं। नीलेश वाकले नासिक में प्रॉपर्टी का व्यवसाय करते हैं, जबकि उनकी पत्नी मेघा एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं। पूरा परिवार शनिवार रात किराए की कार लेकर उज्जैन के लिए रवाना हुआ था, ताकि सुबह महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन कर सके। धार्मिक यात्रा पर निकले इस परिवार ने शायद कभी नहीं सोचा होगा कि रास्ते में ऐसा हादसा होगा। बेटी माही और कार चालक हर्षद सुरक्षित हैं, लेकिन परिवार के बाकी सदस्यों को चोटें आई हैं, जिसने इस यात्रा को दर्दनाक बना दिया।
घायलों की हालत और अस्पताल में इलाज
हादसे में नीलेश वाकले के सिर में गंभीर चोट आई है, जबकि उनकी पत्नी मेघा के हाथ में फ्रैक्चर बताया जा रहा है। बेटा अंशू भी चोटिल हुआ है। हादसे की सूचना मिलते ही डायल 100 की टीम मौके पर पहुंची और सभी घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। कार चालक हर्षद ने बताया कि सीट बेल्ट और एयरबैग खुलने की वजह से जान बच पाई। पीछे की सीट पर बैठा परिवार उस वक्त सो रहा था, इसलिए उन्हें संभलने का मौका ही नहीं मिला। टक्कर इतनी तेज थी कि कार के परखच्चे उड़ गए, लेकिन सुरक्षा फीचर्स ने बड़ा नुकसान होने से बचा लिया।
डंपर चालक फरार, पुलिस की तलाश जारी
हादसे के बाद डंपर चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। कनाड़िया पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सड़क से दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाया और यातायात बहाल किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फरार डंपर चालक की तलाश तेज कर दी गई है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई बेहद जरूरी है। सड़क हादसे के बाद मौके से भागना अपराध है, लेकिन इसके बावजूद कई चालक कानून से बचने की कोशिश करते हैं। कनाड़िया हादसे में भी यही देखने को मिला, जिससे लोगों में नाराजगी है।





