Hindi News

हाई कोर्ट की फटकार से पहले जागा इंदौर नगर निगम, सड़क पर किया गया अतिक्रमण खुद हटाया

Written by:Bhawna Choubey
Published:
Last Updated:
हाई कोर्ट में जनहित याचिका की सुनवाई से पहले ही इंदौर नगर निगम हरकत में आ गया। वर्षों से सड़क और ब्रिज के नीचे जमा जब्त सामग्री हटाकर निगम ने खुद के अतिक्रमण पर कार्रवाई शुरू की।
हाई कोर्ट की फटकार से पहले जागा इंदौर नगर निगम, सड़क पर किया गया अतिक्रमण खुद हटाया

इंदौर नगर निगम वर्षों से सड़क और ब्रिज के नीचे अवैध गोदाम बनाकर जब्त सामान रख रहा था। जनहित याचिका दायर होते ही हाई कोर्ट ने नोटिस जारी किया और सुनवाई से पहले ही निगम को अपना अतिक्रमण हटाना पड़ा। शहर में अतिक्रमण हटाने के नाम पर रोज़ कार्रवाई करने वाला इंदौर नगर निगम अब खुद कटघरे में खड़ा है। आरोप है कि जिन नियमों का हवाला देकर निगम ठेले-गुमटी और फुटपाथ पर बैठे छोटे दुकानदारों का सामान जब्त करता है, उन्हीं नियमों का उल्लंघन वह खुद लंबे समय से कर रहा था। मामला तब उजागर हुआ, जब यह मुद्दा जनहित याचिका के जरिए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट तक पहुंचा।

जनहित याचिका में क्या कहा गया

इंदौर निवासी पुनीत शर्मा ने एडवोकेट अनिल ओझा के माध्यम से हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की। याचिका में कहा गया कि नगर निगम अतिक्रमणरोधी कार्रवाई के दौरान जब्त की गई सामग्री को तय स्थान पर रखने के बजाय सड़क और सार्वजनिक जगहों पर ही रख देता है। इससे आम लोगों के आने-जाने वाले रास्ते प्रभावित होते हैं।

सड़क और ब्रिज के नीचे बना दिया गया ‘अघोषित गोदाम’

याचिका के अनुसार, शास्त्री ब्रिज से राजकुमार ब्रिज तक सड़क और ब्रिज के नीचे के हिस्से में जब्त सामग्री जमा की जाती रही। आरोप है कि इस सार्वजनिक स्थान को निगम ने अघोषित गोदाम की तरह इस्तेमाल किया, जबकि यही इलाका रोज़मर्रा की आवाजाही के लिए इस्तेमाल होता है।

पत्थर गोदाम रोड पर लंबे समय से जमा था सामान

पथर गोदाम रोड को लेकर भी याचिका में सवाल उठाए गए। आरोप है कि यहां वर्षों से जब्त सामग्री पड़ी रहती थी और सड़क का हिस्सा घिरा हुआ था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे कई बार ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती थी। पैदल चलने वालों को सड़क पर उतरकर चलना पड़ता था और रात के समय दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता था। हालांकि, यह बातें स्थानीय नागरिकों के दावे के तौर पर सामने आई हैं।

हाई कोर्ट का नोटिस मिलते ही हरकत में आया निगम

जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने नगर निगम को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। इसके बाद, अगली सुनवाई से पहले ही निगम ने पत्थर गोदाम रोड और ब्रिज के नीचे से जब्त सामग्री हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी। जिन जगहों पर लंबे समय से सामान रखा था, वहां अचानक सफाई और खाली कराने का काम शुरू हो गया।

नियम सबके लिए या सिर्फ आम लोगों के लिए?

इस पूरे मामले ने नगर निगम की अतिक्रमण नीति पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। याचिका में यही मुद्दा केंद्र में है कि अगर सार्वजनिक सड़क पर सामान रखना गलत है, तो फिर नगर निगम खुद उसी सार्वजनिक जगह का इस्तेमाल कैसे करता रहा। एक ओर निगम ठेले-गुमटी हटाकर गरीब और छोटे दुकानदारों पर सख्ती करता है, तो दूसरी ओर खुद पर वही नियम लागू नहीं होते, यही आरोप अब अदालत के सामने है।

मध्य प्रदेश से जुड़ी विश्वसनीय और ताज़ा खबरें MP Breaking News in Hindi यहां आपको मिलती है MP News के साथ साथ लगातार अपडेट, राजनीति, अपराध, मौसम और स्थानीय घटनाओं की सटीक जानकारी। भरोसेमंद खबरों के लिए हमारे साथ जुड़े रहें और अपडेटेड रहें !
Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
मुझे लगता है कि कलम में बहुत ताकत होती है और खबरें हमेशा सच सामने लाती हैं। इसी सच्चाई को सीखने और समझने के लिए मैं रोज़ाना पत्रकारिता के नए पहलुओं को सीखती हूँ। View all posts by Bhawna Choubey
Follow Us :GoogleNews