CBI अधिकारी बनकर बुजुर्ग से 40 लाख रुपए से ज्यादा की ठगी करने वाले दो बदमाश गिरफ्तार

इस गैंग में 20 से अधिक लोग शामिल हो सकते है जो अलग-अलग राज्यों में उस तरह की ठगी की वारदात को अंजाम देते है बहरहाल पुलिस पकड़े गए दोनो आरोपियों से ओर भी पूछताछ कर रही है।
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Indore News : मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के क्राइम ब्रांच ने अंतरराज्यीय ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर लोगों को ठगने का काम कर रहे थे। इस गैंग ने एक 71 वर्षीय एक बुजुर्ग के साथ लगभग 41 लाख रुपए की ठगी की। बुजुर्ग पीड़ित ने इसकी शिकायत साइबर क्राइम ब्रांच से की। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, दोनो ही आरोपी गुजरात के रहने वाले है, पुलिस दोनों आरोपियों से अन्य मामलो पूछताछ कर रही है।

बता दें कि डिजिटल अरेस्ट के दर्जनों मामले इंदौर क्राइम ब्रांच के पास पहुंच रहे है, वही 71 वर्षीय रिटायर्ड इंदौर निवासी फरियादी ने डिजिटल अरेस्ट के नाम से ऑनलाइन ठगी की शिकायत इंदौर क्राइम ब्रांच में की थी। पीड़िता ने शिकायत में बताया कि उनको बांद्रा पुलिस थाने से फोन आया था। कॉल करने वाले ने अपने आप पुलिस अधिकारी बताया और कहा कि आपके केनरा बैंक अकाउंट में 2 करोड़ 60 लाख रुपए का ट्रांजेक्शन हुए है जो पैसा आपके अकाउंट में आया हैं, जिसका 15% आपको कमीशन मिला है ये पेसा मनीलांड्रिंग के तहत आया है और सीबीआई आपको भी गिरफ्तार करने आ रही है। फोन करने वाले  ने कहा कि हमारे अधिकारी से बात कीजिए और फिर दूसरे व्यक्ति ने उनको व्हाट्सएप  पर वीडियो कॉल कर गिरफ्तारी का डर दिखाकर कहा कि आपको एक बैंक एकाउंट दिया जा रहा है। जिसमे आप पैसा ट्रांसफर कर दो यदि आपका पैसा लीगल हुआ तो आपकी रकम आपको वापस कर दी जाएगी। जिस पर पीड़ित ने जल्दबजी करते हुए 40 लाख 70 हजार रुपए उस एकाउंट में ट्रांसफर कर दिए।

23 बैंक खातों को किया फ्रीज

बाद में जानकारी लगी कि उनके साथ फ्रॉड हुआ है उनकी शिकायत पर इंदौर क्राइम ब्रांच ने मामला दर्ज कर जिस नंबर से कॉल आया था और किस अकाउंट में पैसा ट्रांसफर हुआ है उसकी जांच शुरू कर दी। पुलिस ने ऑनलाइन ठगी से संबंधित 23 बैंक खातों को फ्रीज किया गया अंतर्राज्यीय गैंग के दो आरोपी हिम्मत भाई  देवानी और अतुल गिरी गोस्वामी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने कई राज्यों में ठगी की वारदात को अंजाम दिया है।

पकड़े गए आरोपियों से पुलिस कर रही है पूछताछ

वही पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वो फर्जी बैंक एकाउंट उपलब्ध कराते है वो अकाउंट बस मे रख देते है जहां आगे उसके साथी वो अकाउंट ले लेते हे उसमें एक सिम भी होती है जिससे आरोपी ओटीपी प्राप्त करते है वही इस तरह के मामलों को लेकर राजेश दंडोतिया ने कहा कि जानकारी ये भी लगी है कि इस गैंग में 20 से अधिक लोग शामिल हो सकते है जो अलग-अलग राज्यों में उस तरह की ठगी की वारदात को अंजाम देते है बहरहाल पुलिस पकड़े गए दोनो आरोपियों से ओर भी पूछताछ कर रही है।
इंदौर से शकील अंसारी की रिपोर्ट

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