इंदौर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, म्यूल खातों के जरिए करोड़ों की ठगी का खुलासा, 17 मोबाइल फोन बरामद, 11 आरोपी गिरफ्तार  

इंदौर पुलिस ने बड़े फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा किया है। म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल कर करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दिया गया है। 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। 
Indore Police Action

इंदौर पुलिस ने ऑपरेशन मैट्रिक्स का तहत बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। म्यूल अकाउंट के जरिए हो रहे बड़े फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस ने दर्जन ऑन सिम कार्ड मोबाइल फोन बरामद करते किए हैं। 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले को लेकर प्रकरण दर्ज कर लिया है। पूछताछ जारी है। बताया जा रहा है कि आरोपियों द्वारा कंपनी संचालित कर करोड़ रुपये की वारदात को अंजाम दिया गया है।

डीसीपी अमन सिंह राठौर ने बताया कि एसीपी पराग सैनी के निर्देश पर एक टीम का गठन किया गया था, जो ऑपरेशन मैट्रिक पर काम कर रही थी। इस दौरान सूचना मिली थी म्यूल बैंक खातों का काम किया जा रहा है और किसी के तहत पुलिस ने दिलीप पांडे नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। जिससे पूछताछ के दौरान पता चला कि प्रिंसेस स्काई बिजनेस पार्क में द रैपिड इन्वेस्टर्स कंपनी संचालित हो रही है।

कैसे होता था फ्रॉड?

कंपनी पर पुलिस ने ताबिश देकर संचालक शुभम शर्मा और दिलीप पांडे सहित अहमद शेख, भरत भूषण, नरेश यादव, विजेंद्र सिंह, अमित मणी, रमनदीप सिंह भाटिया, नरेंद्र पाटीदार, अमित चौरसिया और योगेश समेत 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ में बात सामने आई है कि ग्राहकों को कॉल करके उनसे संपर्क किया जाता था और इन्वेस्टमेंट के नाम पर इन तमाम बैंक खातों में रुपया ट्रांसफर करवाया जाता था। सभी बैंक अकाउंट दिलीप पांडे एक कंपनी संचालक शुभम पांडे को उपलब्ध करवाता था। जिससे रुपया ट्रांसफर होता था।

17 मोबाइल फोन और एक लैपटॉप जब्त

पुलिस ने मौके से ऑन सिम कार्ड 17 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, तीन कंप्यूटर सिस्टम और एक हार्ड डिस्क बरामद किया है। इस नेटवर्क से जुड़े 6 बैंक अकाउंट अभी तक सामने आए हैं। अभी पुलिस द्वारा प्रारंभिक तौर पर इन बैंक खाते की जानकारी बैंक संचालकों से पूछताछ कर निकालने में जुटी है। साथ ही कॉलिंग का डेटा कहाँ से मिलता था और किन बातों के माध्यम से संपर्क किया जाता है, इसकी जांच की जा रही है।

इंदौर से शकील अंसारी की रिपोर्ट

Manisha Kumari Pandey
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