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इंदौर में लेंसकार्ट के शोरूम के बाहर वर्ल्ड हिंदू फेडरेशन ने किया प्रदर्शन, ड्रेस कोड नीति का जताया विरोध, महिला कर्मचारियों को लगाया तिलक

Written by:Rishabh Namdev
Published:
इंदौर में लेंसकार्ट की ड्रेस कोड नीति को लेकर बड़ा विवाद देखने को मिला है। दरअसल वर्ल्ड हिंदू फेडरेशन के कार्यकर्ताओं ने स्कीम-54 स्थित शोरूम के बाहर प्रदर्शन किया। इसके साथ ही कंपनी के उत्पादों के बहिष्कार का ऐलान किया है।
इंदौर में लेंसकार्ट के शोरूम के बाहर वर्ल्ड हिंदू फेडरेशन ने किया प्रदर्शन, ड्रेस कोड नीति का जताया विरोध, महिला कर्मचारियों को लगाया तिलक

इंदौर में लेंसकार्ट शोरूम के बाहर गुरुवार को जोरदार प्रदर्शन देखने को मिला। दरअसल वर्ल्ड हिंदू फेडरेशन के कार्यकर्ताओं ने कंपनी की ड्रेस कोड नीति का विरोध करते हुए चश्मे तोड़कर अपना गुस्सा जताया। वहीं प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुईं। इसके साथ ही कंपनी के खिलाफ नारे लगाए गए। दरअसल प्रदर्शन स्कीम-54 इलाके में स्थित लेंसकार्ट के शोरूम के बाहर किया गया। वहीं इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने महिला कर्मचारियों को तिलक लगाया और कहा कि वे बिना किसी डर के अपने धार्मिक प्रतीकों के साथ काम करें।

दरअसल सिद्धेश्वर धाम के पीठाधीश्वर स्वामी अतुल आनंद महाराज भी इस दौरान मौजूद रहे। विरोध करने वाले कार्यकर्ताओं का कहना था कि अगर किसी धर्म के प्रतीकों को अनुमति दी जा सकती है, तो दूसरे धर्म के प्रतीकों पर रोक लगाना गलत है।

ड्रेस कोड नीति पर वर्ल्ड हिंदू फेडरेशन का विरोध

वहीं ड्रेस कोड को लेकर यह विवाद तब बढ़ा जब संगठन के नेताओं ने दावा किया कि कंपनी की आंतरिक नीति में कर्मचारियों को बिंदी, तिलक और कलावा जैसे धार्मिक प्रतीक पहनने से रोका गया है। इस आरोप के बाद वर्ल्ड हिंदू फेडरेशन के कार्यकर्ताओं ने विरोध शुरू किया। वहीं संगठन के प्रदेश अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने कहा कि अगर किसी कर्मचारी को हिजाब पहनने की अनुमति दी जाती है तो हिंदू धार्मिक प्रतीकों पर रोक लगाना भेदभाव माना जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसी नीति किसी भी हालत में स्वीकार नहीं की जा सकती है।

कंपनी का जवाब क्या है?

दरअसल प्रदर्शन के दौरान कई कार्यकर्ताओं ने लेंसकार्ट के चश्मों को तोड़कर कंपनी के खिलाफ गुस्सा जताया। संगठन ने यह भी घोषणा की कि अगर कंपनी ने अपनी नीति में स्पष्ट बदलाव नहीं किया तो पूरे मध्य प्रदेश में उसके उत्पादों का बहिष्कार किया जाएगा। महिला प्रदेश अध्यक्ष सुनीता जायसवाल समेत कई महिलाओं ने भी इस विरोध में हिस्सा लिया और कहा कि धार्मिक पहचान पर रोक लगाना गलत है। हालांकि विवाद बढ़ने के बाद कंपनी की ओर से सफाई भी सामने आई है। दरअसल लेंसकार्ट के संस्थापक और सीईओ पीयूष बंसल ने कहा है कि सोशल मीडिया पर जो दस्तावेज वायरल हो रहा है वह पुराना है और वर्तमान नीति अलग है।

कंपनी के अनुसार नई स्टाइल गाइड में किसी भी धार्मिक या सांस्कृतिक प्रतीक पर प्रतिबंध नहीं है। इसमें बिंदी, तिलक, सिंदूर, कलावा, मंगलसूत्र, हिजाब और पगड़ी जैसे प्रतीकों की अनुमति दी गई है। कंपनी ने यह भी कहा कि अगर पुराने दस्तावेज की वजह से लोगों में भ्रम पैदा हुआ है तो इसके लिए खेद है।

Rishabh Namdev
लेखक के बारे में
मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev
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