कमलनाथ के मंत्री की अपील- ”राजनेता, राजनीति से ऊपर उठकर देश के लिए सोचे ”

कमलनाथ के मंत्री की अपील- ”राजनेता, राजनीति से ऊपर उठकर देश के लिए सोचे ”

इंदौर।आकाश धौलपुरे।प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो में देश की एकता और अखंडता को बनाये रखने के लिए ना सिर्फ उन्होंने देशवासियों से अपील की बल्कि राजनेताओ से भी। उन्होंने कहा सभी देशवासियों से मेरी बात करने की अक्सर इच्छा होती लेकिन जब मैं ऐसा नही कर पाता तो मैं अंतर्मन में दुःखी हो जाता हूँ।

मंत्री पटवारी ने कहा कि आजकल देश मे एक वातावरण बना हुआ है घृणा का नफरत का और उन्होंने कहा कि मैं मानता हूं कि हम राजनीतिक लोगो को चाहे देश प्रधानमंत्री क्यों ना हो चाहे मैं क्यों ना हूँ, हम लोग अपनी विचारधारा को अपनी ताकत देने के लिए अलग – अलग हथकंडे अपनाते रहते है और जब हम हथकंडे अपनाते है तो सर्वोपरि होता है हमारी बातो को सही सिद्ध करना हमने जो विचार दिए है उसके लिए एक ओर मर्यादित राजनैतिक जीवन शैली होती और एक अमर्यादित शैली। उन्होंने देश मे वर्तमान के वातावरण का जिक्र करते हुए कहा कि आज धार्मिक कट्टरता को सर माथे पर लिया गया है। उन्होंने कहा मैं मानता हूं धर्म के प्रति विश्वास, धर्म आधारित जीवन शैली जीना एक सकारात्मकता का प्रतीक है पर धर्म के प्रति अंधा हो जाना और दूसरे धर्म के प्रति नफरत रखना ये अंधकार है और ये भारतवर्ष की परम्परा नही रही है ।

उन्होंने धार्मिक कट्टरता को राजस्थान के व्यापारी के ऊंटो को मध्यप्रदेश के साथ जोड़कर एक उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि देशवासी भाईचारे की भावना के साथ रहना चाहिए। राजनीतिक विचारधारा अलग अलग होना अपना अपना अधिकार है ऐसे में हमे कट्टरता से ऊपर उठकर सुधार की ओर चलना चाहिए। वही सोशल मीडिया पर चल नकारात्मकता पर वायरल वीडियो में सवाल भी उठाए। लगभग 6 मिनिट 9 सेकंड के वीडियो में प्रदेश के मंत्री कई ऐसे सवाल भी उठाए जिसमे उन्होंने पहले खुद को उदाहरण के तौर पर पेश किया और फिर विपक्ष और केंद्र सरकार को भी सीख देने की कोशिश की।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews