1 लाख रुपये की रिश्वत लेते SI को लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया, वजह जानकर रह जायेंगे हैरान

इंदौर पुलिस में पदस्थ एक उप निरीक्षक ने एक सिक्यूरिटी एजेंसी के संचालक को एक मामले में प्रबंधक या फिर संचालक को आरोपी नहीं बनाने के बदले एक लाख रुपये की रिश्वत ली, लोकायुक्त पुलिस ने SI को रंगे हाथ दबोच लिया । 
lokayukta police indore action

पुलिस का काम आरोपी को सजा दिलाना होता है लेकिन मध्य प्रदेश पुलिस आरोपी का नाम प्रकरण से हटाने का भी काम करती है और इसके लिए रिश्वत लेने की हिम्मत भी रखती है! ताजा मामला इंदौर का है जहाँ एक उप निरीक्षक को लोकायुक्त पुलिस ने 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।

उप निरीक्षक को रिश्वत लेते गिरफ्तार करने वाले लोकायुक्त सचिन पटेरिया ने जानकारी देते हुए बताया कि लोकायुक्त एसपी कार्यालय में इंदौर में  रहने वाले एक्स कैप्टन सिक्योरिटी सर्विसके मैनेजर संतोष कुमार तोमर ने एक शिकायती आवेदन उनके ऑफिस में दिया था  जिसमें अक्जाद नगर थाने में पदस्थ उप निरीक्षक ज्ञानसिंह राजपूत पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाये थे।

हत्या के आरोप में ना फंसाने के लिए मांगी रिश्वत  

आवेदन में शिकायतकर्ता ने लिखा कि उसके पिता उक्त सिक्योरिटी कम्पनी के संचालक है। पुलिस थाना आजाद नगर में दर्ज एक प्रकरण में आवेदक या आवेदक के पिता रामचन्द्रसिंह तोमर को हत्या के आरोप में झूठा फसाने की धमकी देकर आरोपी उप निरीक्षक धर्मेंद्र राजपूत द्वारा आवेदक से रिश्वत की मांग की गई। आवेदक द्वारा पैसे नहीं देने पर आवेदक के पिता को उक्त प्रकरण में आरोपी बनाया गया। मामले की जाँच कर रहे एसआई राजपूत ने पिता की अग्रिम जमानत होने के पश्चात् आरोपी द्वारा आवेदक को थाने पर बुलाया गया तथा प्रकरण में आगे कोई कठोर कार्यवाही नहीं करने एवं पिताजी की मदद करने के एवज में 1,50,000/- रुपये की मांग की गई।

1 लाख रुपये हाथ में आते ही दबोचा 

शिकायत मिलने के बाद आरोपों की जाँच की गई जिसमें आरोपी एसआई धर्मेंद्र राजपूत डेढ़ लाख रुपये की जगह 1 लाख रुपये लेने के लिए तैयार हो गया और आवेदक संतोष कुमार तोमर को रिश्वत की राशि लेकर बुलाया, एसपी के निर्देश पर ट्रैप दल गाथिक किया गे और एस आई धर्मेंद्र राजपूत को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया , लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी एसआई धर्मेंद्र राजपूत के विरुद्ध  भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 के अंतर्गत मामला दर्ज कर जाँच में ले लिया है।

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इंदौर से शकील अंसारी की रिपोर्ट 

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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