अपने ही विधायक को भूले मंत्री तुलसी सिलावट, आरोपों पर तुरंत बदल दिया अपना बयान! पढ़ें यह खबर

जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट अपनी ही पार्टी के आलोट विधायक चिंतामणि मालवीय को पहचान नहीं पाए। दरअसल इस घटना के बाद कई प्रकार की चर्चाएं देखने को मिली। चलिए जानते हैं पूरा मामला क्या है?
अपने ही विधायक को भूले मंत्री तुलसी सिलावट, आरोपों पर तुरंत बदल दिया अपना बयान! पढ़ें यह खबर

एक अप्रत्याशित घटनाक्रम में, जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट गुरुवार को अपनी ही पार्टी के आलोट विधायक और पूर्व सांसद चिंतामणि मालवीय को पहचानने में चूक कर गए। वहीं इस घटना ने एक असहज स्थिति निर्मित कर दी, खासकर तब जब मीडिया ने मालवीय पर लगे यौन शोषण के आरोपों से जुड़ा सवाल पूछा। दरअसल मंत्री सिलावट ने पहले तो इन आरोपों को कांग्रेस का अंदरूनी मामला बता दिया और बाद में यह भी कह दिया कि आरोप सही होंगे तभी लगाए गए होंगे। उनके लगातार बदलते बयानों ने पूरे मामले को और उलझा दिया।

दरअसल यह पूरा वाकया एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान घटित हुआ। जब पत्रकारों ने कांग्रेस नेता रीना बोरासी द्वारा भाजपा विधायक चिंतामणि मालवीय पर लगाए गए यौन शोषण के आरोपों और उसके जवाब में मालवीय द्वारा भेजे गए मानहानि के नोटिस के विषय में सवाल किया, तो मंत्री सिलावट का जवाब सुनकर सभी हैरान रह गए। उन्होंने त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए इसे कांग्रेस का अंदरूनी मामला करार दे दिया, जिससे मंच पर मौजूद अन्य भाजपा नेता भी चौंक उठे।

जानिए क्या हुआ था?

वहीं मंत्री सिलावट के इस जवाब पर तुरंत मंच पर उपस्थित भाजपा नेताओं ने उन्हें टोका। उन्होंने मंत्री सिलावट को याद दिलाया कि चिंतामणि मालवीय उनकी ही पार्टी के आलोट से विधायक हैं। इस हस्तक्षेप के बाद भी मंत्री सिलावट स्पष्ट जवाब देने में असमर्थ दिखे और वे लगातार अपनी बात को घुमाते नजर आए। पहले उन्होंने कहा कि यदि आरोप सही होते, तभी तो लगाए जाते, और इसकी पूरी निष्पक्षता से जांच की जाएगी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर कुछ गलत पाया गया तो कार्रवाई होगी। हालांकि, कुछ ही पल बाद वे अपने बयान से पलट गए और आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए मालवीय की शिकायत को सही ठहराने लगे।

बातचीत में असमंजस साफ तौर पर दिखा

पत्रकारों और मंत्री के बीच हुई बातचीत में यह असमंजस साफ तौर पर दिखा। जब मीडिया ने सवाल किया कि चिंतामणि मालवीय, जो पूर्व सांसद रहे हैं और अब विधायक हैं, उन पर यौन शोषण के आरोप लगे हैं और उन्होंने राज्यपाल से भी मुलाकात की है, इस पर आपका क्या कहना है? मंत्री सिलावट ने सीधा जवाब दिया, “यह कांग्रेस का अंदरूनी मामला है, मुझसे क्यों पूछ रहे हो?” इस पर बीजेपी जिलाध्यक्ष श्रवण चावड़ा ने हस्तक्षेप करते हुए मंत्री को याद दिलाया कि मालवीय जी अपने विधायक हैं आलोट से। मीडिया ने फिर जोर देकर कहा कि चिंतामणि जी तो आपके ही हैं, आलोट के बीजेपी विधायक हैं। इस पर मंत्री ने पूछा, “चिंतामणि अपना? किसने कहा?” जब उन्हें बताया गया कि आलोट के बीजेपी विधायक हैं जिन पर रीना बोरासी ने यौन शोषण के आरोप लगाए हैं, तो मंत्री सिलावट ने कहा, “अच्छा… एक बात सुनो। अगर आरोप सही होते, तभी तो लगाए जाते। इसकी पूरी निष्पक्षता से जांच की जाएगी। अगर कुछ गलत पाया गया, तो कार्रवाई करेंगे। ठीक है ना?”

मंत्री सिलावट ने अपना बयान पूरी तरह से बदल दिया

इसके बाद जब मीडिया ने पूछा, “मतलब उन्होंने सही किया?” तो मंत्री ने बात पलटते हुए कहा, “नहीं-नहीं, मैं आपसे पूछ रहा हूं, आरोप किसने लगाए?” जब उन्हें बताया गया कि रीना बोरासी ने आरोप लगाए थे और उसके जवाब में चिंतामणि मालवीय ने दस करोड़ रुपए का मानहानि का दावा ठोका है, तो मंत्री सिलावट ने अपना बयान पूरी तरह से बदल दिया। उन्होंने कहा कि “तो वे आरोप बेबुनियाद हैं, गलत आरोप हैं। चिंतामणि मालवीय जी का जो विषय है, उसका प्रस्तुतीकरण अलग है। आप जो पूछ रहे हो, वह गलत तरीके से पूछ रहे हो।” उन्होंने आगे कहा, “आप मेरी बात सुनो, प्रस्तुतीकरण ठीक से करो। जो आरोप लगाए गए हैं, वे पूरी तरह से बेबुनियाद हैं।”

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब रीना बोरासी ने हाल ही में विधायक चिंतामणि मालवीय पर गंभीर आरोप लगाए थे। इन आरोपों में एक महिला के साथ यौन शोषण और संपत्ति पर कब्जे का आरोप शामिल था। इसके प्रत्युत्तर में, मालवीय ने बोरासी को दस करोड़ रुपए का मानहानि नोटिस भेजते हुए सात दिनों के भीतर अपने आरोपों की पुष्टि करने वाले प्रमाणित दस्तावेज सौंपने को कहा है। ऐसा न करने पर, उन पर दस करोड़ रुपए का मानहानि दावा और उचित आपराधिक केस दर्ज करने की चेतावनी दी गई है। मंत्री सिलावट के इस घटनाक्रम के दौरान दिए गए बयान और उनके बार-बार बदलते रुख ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।

Banshika Sharma
लेखक के बारे में
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कंटेंट राइटर

मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma →
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