मध्य प्रदेश में नशे के कारोबार पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक सामने आई है। राज्य के शांत माने जाने वाले ग्रामीण इलाके में अचानक छापेमारी हुई और एक ऐसे अवैध नेटवर्क का खुलासा हुआ जिसने जांच एजेंसियों को भी चौंका दिया। बस की सामान्य तलाशी से शुरू हुई जांच ने पूरे ड्रग सिंडिकेट का राज खोल दिया।
यह कार्रवाई उस समय और बड़ी बन गई जब जांच टीम एक गुप्त फैक्ट्री तक पहुंच गई, जहां बड़े स्तर पर नशीले पदार्थ तैयार किए जा रहे थे। फैक्ट्री से भारी मात्रा में क्रिस्टल MD और ड्रग्स बनाने वाले केमिकल बरामद किए गए, जिसकी कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है।
बस की तलाशी से खुला पूरा ड्रग नेटवर्क का राज
जानकारी के अनुसार, कार्रवाई की शुरुआत 13 फरवरी की रात हुई, जब सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स (CBN) की टीम को सूचना मिली कि बस के जरिए नशीले पदार्थ की बड़ी खेप भेजी जा रही है।
टीम ने मध्य प्रदेश के मंदसौर क्षेत्र में एक बस को रोका और संदिग्ध यात्रियों की तलाशी ली। तलाशी के दौरान दो लोगों के पास से करीब 8 किलो से अधिक क्रिस्टल MD बरामद हुई। यह बरामदगी अपने आप में बड़ी थी, लेकिन असली खुलासा पूछताछ के बाद हुआ। जब पकड़े गए आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की गई, तो उन्होंने ड्रग्स के मुख्य स्रोत का पता बता दिया। यहीं से पूरे नेटवर्क तक पहुंचने का रास्ता खुला।
रातभर चला ऑपरेशन, सुबह मिली गुप्त फैक्ट्री
सूचना मिलने के बाद CBN की विभिन्न इकाइयों ने संयुक्त कार्रवाई शुरू की। टीमों ने आसपास के क्षेत्रों में लगातार तलाशी अभियान चलाया। जांच का दायरा बढ़ता गया और अंततः अधिकारियों को डॉ. अंबेडकर नगर (महू) तहसील के ग्रामीण इलाके में एक संदिग्ध स्थान की जानकारी मिली।
सुबह लगभग 11 बजे जांच टीम को एक गुप्त फैक्ट्री मिली, जहां बड़े स्तर पर ड्रग्स तैयार की जा रही थी। फैक्ट्री पूरी तरह से अवैध गतिविधियों के लिए तैयार की गई थी। अंदर मौजूद उपकरण, केमिकल और तैयार माल देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए।
करोड़ों की ड्रग्स और केमिकल जब्त
फैक्ट्री की तलाशी के दौरान अधिकारियों ने करीब 43.82 किलोग्राम अतिरिक्त क्रिस्टल MD बरामद की। जब बस से पकड़ी गई मात्रा को जोड़ा गया, तो कुल जब्त ड्रग्स की मात्रा लगभग 52 किलोग्राम तक पहुंच गई।
इसके अलावा, लगभग 260 किलो से ज्यादा संदिग्ध केमिकल, ड्रग्स बनाने वाली मशीनें और उपकरण भी बरामद किए गए। जांच एजेंसियों के अनुसार, यह एक संगठित फैक्ट्री थी जहां लंबे समय से अवैध रूप से नशीले पदार्थ तैयार किए जा रहे थे। बरामद ड्रग्स की बाजार कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह नेटवर्क कितना बड़ा और सक्रिय था।
जांच अब बड़े नेटवर्क की ओर बढ़ रही
जांच अधिकारियों का मानना है कि यह केवल एक फैक्ट्री का मामला नहीं, बल्कि एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। इस तरह की ड्रग्स आमतौर पर कई राज्यों और बड़े शहरों में सप्लाई की जाती हैं। टीमें अब सप्लाई चेन, फाइनेंसिंग और इससे जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी हैं। संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।





