इंदौर: ड्राइव इन कोरोना टेस्ट में लोगों की रुचि बढ़ी, एक दिन के अंदर ही बढ़ी लोगों की भीड़

इंदौर

इंदौर, आकाश धोलपुरे। इंदौर (indore) में कोई बाइक पर सवार होकर आ रहा है तो कोई कार (car) में अपनी बारी का इंतजार कर रहा है तो जिसके पास वाहन सुविधा नहीं है उसके लिए नगर निगम (municipal corporation) ने ई – रिक्शा की व्यवस्था की है। दरअसल, ये नजारा मंगलवार से इंदौर के दो अलग अलग मैदानों पर देखने को मिल रहा है। जहां देश के महानगरों (metropolitan cities) की तर्ज पर कोविड -19 (covid 19) की जांच (test) के लिए टेस्ट इन ड्राइव के माध्यम से की जा रही है।

दरअसल, इंदौर में बढ़ते कोरोना खतरे के बीच हर कोई कोविड की जांच कराकर ये पुख्ता कर लेना चाहता है कि उसे कोविड है या नही। ये ही वजह है कि कोविड जांच केंद्रों की बजाय लोग सुरक्षित तरीके वाले ड्राइव इन टेस्ट के जरिये अपने वाहनों में बैठकर कोविड जांच करा रहे है। नगर निगम और सोडानी लैब के साझा प्रयास का ही परिणाम है कि मंगलवार से शुरू हुए जांच केंद्रों पर लोग टू व्हीलर, फोर व्हीलर और ई रिक्शा में बैठकर मात्र 600 रुपये में अपनी जांच करवा रहे है जिसकी रिपोर्ट भी महज 24 घण्टे में जांच कराने वाले शख्स को उसके मोबाइल नम्बर पर ही मिल रही है।

यह भी पढ़ें… वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद का कोरोना से निधन, सिंधिया-जीतू ने जताया शोक

इंदौर नगर निगम की इस पहल का स्वागत करते हुए जहां पहले दिन दोनो केंद्रों पर1200 से ज्यादा लोगों ने कोरोना की जांच कराई तो वही दूसरे दिन के लिए भी 1 हजार से ज्यादा रजिस्ट्रेशन हो गए और बुधवार दोपहर तक नेहरू स्टेडियम और दशहरा मैदान पर 500 – 500 लोगों का कोविड टेस्ट किया जा चुका है। लोगो मे ड्राइव इन कोविड टेस्ट सेंटर को लेकर खासा उत्साह है और उनकी माने तो यहां बगैर किसी को छुए आसानी से चंद मिनटों में कोविड सैम्पल की जांच हो रही है जो एक अच्छा अनुभव है क्योंकि सोशल डिस्टेसिंग के पालन और बिना किसी सरफेस के टच में आये बगैर वो इत्मीनान से जांच करवा रहे है।

इधर, जांच केंद्र के इंचार्ज सुनील डाबी ने बताया कि निगम द्वारा की गई पहल की लोग सरहाना कर रहे है। किसी को भी जांच के लिए सबसे पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होता है इसके बाद उन्हें एक टाइम स्लॉट पर मैसेज कर बुलाया जाता है। इसके बाद लोग अपने वाहनों की लेन में लगकर सैम्पल सेंटर पर पहुंचकर रजिस्ट्रेशन और भुगतान की प्रक्रिया को पूरी कर स्टॉप लाइन पर आकर सैम्पल देते है। जिन्हें संभालकर रख जांच की जाती है 24 घण्टे के भीतर सैम्पल देने वाले शख्स की जांच रिपोर्ट उसी के मोबाइल पर ही भेज दी जाती है।

यह भी पढे़ं… गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा का बड़ा बयान, इतिहास कभी माफ़ नहीं करेगा कांग्रेस को

इधर, इन दोनों जांच केंद्रों को लेकर कलेक्टर मनीष सिंह ने निगम की इस पहल को बेहतर बताया और कहा कि दोनों केंद्रों पर सेंट्रल लैब और सोडानी डायग्नोस्टिक द्वारा जांच की जा रही है और निगम द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक आने वाले दिनों में इन जांच केंद्रों पर ही लक्षण वाले मरीजो को मेडिसिन प्रिस्क्राइब भी की जाएगी।

फिलहाल, इंदौर में महानगरों की तर्ज पर लंबी लाइनों से बचने के लिये ड्राइव इन टेस्ट के जरिये लोगो ने कोविड से जंग शुरू कर दी है और जल्द ही इन सेंटर्स पर वॉक इन रजिस्ट्रेशन के जरिये भी सैम्पल लेकर 24 घण्टे में लोगो को कोविड जांच सौंपी जाएगी।

Pratik Chourdia
लेखक के बारे में
Pratik Chourdia

CTO और डिजिटल हेड

Covering Entertainment Events around the World. CTO cum Digital Head of MP Breaking News View all posts by Pratik Chourdia →
Follow Us :GoogleNews