
इंदौर, डेस्क रिपोर्ट। इंदौर पुलिस ने एक ऐसे दिव्यांग युवक को पकड़ा है जो सोशल मीडिया में देखकर एटीएम हेकर बन गया, पुलिस ने इसे देवास से गिरफ्तार किया है, कुछ दिन पहले बैंक ऑफ बड़ौदा के अधिकारियों की शिकायत पर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी को पकड़ा है। दरअसल कुछ दिनों पहले इंदौर पुलिस को चंद्रलोक कॉलोनी स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के एटीएम से रुपए चोरी होने की सूचना मिली थी।
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बैंक के अधिकारियों ने बैंक के कुछ और एटीएम में भी इसी तरह की वारदात होने की सूचना पुलिस को दी। इसमें हजारों रुपए चोरी होने की बात सामने आई थी। पुलिस ने वारदात के बाद चंद्रलोक कॉलोनी की एटीएम मशीन उपयोग करने वाले ग्राहकों की जानकारी निकालने के लिए सीसीटीवी चैक किए। तो एक दिव्यांग युवक लगातार एटीएम में नजर आया। पुलिस ने जानकारी निकाल कर इस दिव्यांग युवक पंकज को पलासिया पुलिस के सुपुर्द किया। पंकज ने रिमांड के बाद जो खुलासे किए उसे सुनकर पुलिस भी हैरान रह गई।
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दरअसल पंकज अपने दो साथियों के साथ मिलकर एटीएम हेक करता था, उसने सोशल मीडिया से एटीएम हेक करना सीखा, पंकज ने बताया कि वह कमीशन के लालच में वह सुमराखेड़ी के रवि और कपिल के साथ मिलकर वारदात करने लगा था। पंकज ने पूछताछ में बताया कि रवि और कपिल उसके पुराने दोस्त हैं। इसके साथ ही यह तीनों आरोपी मेवाती गैंग के भी लगातार संपर्क में थे। उन्होंने बाकायदा मेवाती गैंग से भी एटीएम हैक करने की ट्रेनिंग ली थी।
पंकज अपने दोस्त रवि और कपिल के साथ एटीएम में जाता था यह तीनों ऐसे एटीएम तलाशते जो सुनसान होते थे या जहां गार्ड नहीं होता था उसके बाद यह पंकज उस एटीएम से 100 रुपये निकालता जिसके बाद रवि और कपिल एटीएम में पिन फंसा देते और बाहर आ जाते इस दौरान कोई व्यक्ति एटीएम से पैसे निकालने आता तो उससे ना तो पैसे निकलते और न ही पैसे निकलने का संदेश आता, जिसके बाद उसके जाते ही पंकज एटीएम में वापस आता और पहले वाले शख्स के निकाले गए रुपये जो अंदर मशीन में फंसे होते वह निकाल लेता, रवि और कपिल दोनों देवास में कंजर डेरों में रहते हैं और वारदात करने के बाद डेरों में ही जाकर छुपते थे। पंकज ने बताया कि जितने भी रुपए मशीन से निकलते थे, उसका 20 प्रतिशत हिस्सा दोनों उसे देते थे। दिव्यांग होने के कारण उस पर आसानी से किसी को शक नहीं होता था। इसलिए आरोपी उसे साथ रखते थे। फिलहाल पुलिस रवि और कपिल की तलाश कर रही है।
