कोरोना पॉजिटिव मृतकों का धार्मिक आधार पर ICMR गाइडलाइन के तहत किया जाएगा अंतिम संस्कार

कोरोना पॉजिटिव मृतकों का धार्मिक आधार पर ICMR गाइडलाइन के तहत किया जाएगा अंतिम संस्कार

इंदौर।आकाश धौलपुरे।

देश के टॉप 3 कोरोना हॉटस्पॉट में से एक इंदौर शहर में कोरोना पॉजिटिव मरीजो के साथ ही मौत का आंकड़ा भी बढ़ता जा रहा है। ऐसे में अंतिम संस्कार को लेकर उठ रहे सवालो पर आज इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा कि वे जल्द ही ICMR की गाइडलाइन के तहत निर्देश जारी करेंगे।

दरअसल, इंदौर में सोमवार को आई रिपोर्ट के मुताबिक जिन 4 लोगो को मौत की पुष्टि कोरोना से हुई है उनमे से 3 की मौत रिपोर्ट आने के पहले ही जो चुकी थी। अब तक इंदौर में कोरोना से मरने वालों की संख्या 13 तक पहुंच चुकी है। दरअसल, मीडिया ने आज जब सवाल उठाया कि नार्म्स का बिना पालन किये शवो को दफनाया व जलाया जा रहा है। इस पर कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा कि वो जल्द ही आदेश जारी करने वाले है। उन्होंने साफ किया कि ICMR गाइड लाइन और केंद्र सरकार के निर्देश के मुताबिक दफनाने व जलाने की अनुमति है और अंतिम संस्कार धर्म के अनुसार किया जाता है। उन्होंने बताया की गाइड लाइन के तहत जलाने और दफनाने की अनुमति है वही गाइड लाइन में लिखा है कि कोविड संक्रमित बॉडी का प्रोटेक्शन पूरा होना चाहिए और जमीन में अधिक गहराई तक दफनाना जरूरी है।

वही जब इंदौर कलेक्टर से पूछा गया कि मृत व्यक्ति की रिपोर्ट आने के पहले ही अंतिम संस्कार की अनुमति दी जा रही है तो कलेक्टर मनीष सिंह ने टाटपट्टी बाखल का उदाहरण देकर कहा कि वहा ऐसा ही हुआ था जिसके चलते क्षेत्र से बड़ी संख्या में कोविड मरीज सामने आ रहे है और ये ही वजह है कि वो सरकारी व निजी अस्पताल व उनके डॉक्टर्स ब्रीफ कर बता रहे है किसी भी मामले में लापरवाही बर्दाश्त नही की जाएगी।

फिलहाल, इंदौर में आने वाले दिनों में क्या हालात रहेगें ये तो वक्त पर ही पता चल पाएगा लेकिन ये बात साफ है कि ICMR के दिशा निर्देशों का पालन कर ही कोरोना ग्रसित शवो को धार्मिक मान्यता के अनुसार अंतिम संस्कार किया जा रहा है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews