
इंदौर, आकाश धौलपुरे। एक छात्रा ने पेपर बिगड़ जाने का ऐसा प्रेशर लिया उसने रविवार को सुसाइड (Suicide)
कर लिया। दरअसल, खुदकुशी की घटना इंदौर की इंद्रलोक कॉलोनी (Inderlok Colony) की है। जहां सीए की छात्रा ने रविवार को फांसी लगा ली। परिजनों के मुताबिक वह CA अंतिम वर्ष की छात्रा थी और पेपर बिगड़ जाने से वह मानसिक रूप से परेशान थी। आत्महत्या से पहले छात्रा ने सुसाइड नोट भी लिखा है, जिसमें उसने अपने माता- पिता से माफी मांगी है।
कर लिया। दरअसल, खुदकुशी की घटना इंदौर की इंद्रलोक कॉलोनी (Inderlok Colony) की है। जहां सीए की छात्रा ने रविवार को फांसी लगा ली। परिजनों के मुताबिक वह CA अंतिम वर्ष की छात्रा थी और पेपर बिगड़ जाने से वह मानसिक रूप से परेशान थी। आत्महत्या से पहले छात्रा ने सुसाइड नोट भी लिखा है, जिसमें उसने अपने माता- पिता से माफी मांगी है।
जानकारी के अनुसार अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र के इंद्रलोक कॉलोनी में रहने वाली 23 वर्षीय छात्रा दिव्या पिता चंदन भोलन्दा ने रविवार को अपने रूम मे फांसी लगा ली. घटना की जानकारी लगते ही परिजन तत्काल छात्रा को फंदे से उतारकर अस्पताल लेकर पहुंचे। जहा डॉक्टर ने छात्रा को मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही अन्नपूर्णा थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और शव को पीएम के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया।
छात्रा के चाचा चन्द्रप्रकाश भोलन्दा के अनुसार छात्रा सीए की पढ़ाई कर रही थी। वो अंतिम वर्ष की छात्रा थी। आज उसका पेपर था , पेपर बिगड़ने से वह परेशान थी और आज उसने अपने कमरे में फांसी लगा ली। आत्महत्या से पूर्व छात्रा ने सुसाइड नोट भी लिखा, जिसमें अपने माता पिता से माफी मांगी है। इधर,अन्नपूर्णा पुलिस की एसआई और जांच अधिकारी नीलमणि ठाकुर ने बताया कि परिजन के बयान लिए गए है जिसके आधार पर जांच की जा रही है।
लेखक के बारे में
Atul Saxena
पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ....
पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →

