जापान की ओर तेजी से बढ़ रहा ‘नानमाडोल’ तूफान, जानिए कितना विनाशकारी होगा यह तूफान

जापान की ओर तेजी से बढ़ रहा ‘नानमाडोल’ तूफान, जानिए कितना विनाशकारी होगा यह तूफान

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट | जापान में चक्रवाती तूफान का खतरा मंडरा रहा है। दरअसल जापान के मौसम वैज्ञानिकों ने नानमाडोल नामक एक तूफान की चेतावनी दी है। जो कि बड़ी तेजी से जापान की तरफ बढ़ रहा है। जिससे देश को बहुत नुकसान हो सकता है। इस तूफान का असर भारी बारिश के साथ कई क्षेत्रों में लैंडस्लाइड और बाढ़ के रूप में दिखेगा इस दौरान तेज गति से ठंडी हवाएं भी  चलेंगी। दरअसल, जापान के मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस चक्रवात से देश को लोगों को जान और माल दोनों का खतरा है। यह चक्रवात सबसे पहले जापान के रिमोट आईलैंड मीनामी दे तू से टकराया है। जो कि ओकीनावा द्वीप से महज 400 किलोमीटर दूर है और यह चक्रवात 270 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि, चक्रवात एक बार फिर कितनी तेज गति से विनाश के लिए आगे बढ़ रहा है।

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वहीं इस तूफान से निपटने के लिए प्रशासन पहले से ही अलर्ट मोड़ पर है। जिसके लिए समुंद्र किनारे रहने वाले लोगों को इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। साथ ही बाढ़ और लैंडस्लाइड जैसे क्षेत्रों में रहने वाले रहवासियों को भी घर खाली करवाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। इससे निपटने के लिए सभी प्रकार के इंतजाम पहले से कर लिए गए हैं। लोगों के खाने-पीने, रहने, ओढ़ने सभी राहत सामग्री जुटा ली गई है। इस प्राकृतिक आपदा को के भयावह खतरे को देखते हुए बहुत सारी ट्रेन और 510 फ्लाइट्स को रद्द कर दिया गया है।

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बता दें कि जापान में इस साल 13 बार चक्रवात तबाही मचा चुका है और यह 14वीं बार है जब नानमाडोल तूफान एक बार फिर तबाही मचाने को तैयार हो चुका है। दरअसल साल के अगस्त-सितंबर के महीने को जापान का टाइफून सीजन कहा जाता है और यह पहली बार नहीं जब लगातार 14 बार तूफान आ रहा है। यहां हर साल 18 से 20 बार चक्रवात अपना कहर मचाती है। इस दौरान तेज बारिश होती है। जिसके कारण बाढ़, लैंडस्लाइड जैसी तबाही मचती है। जिसमें कई लोग अपने जान से हाथ धो बैठते हैं। वहीं प्रभावित इलाकों में समान सहित सभी चीजों का नुकसान भी होता है।

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दरअसल बार-बार तबाही आने की मुख्य वजह ग्लोबल वार्मिंग है। जिसके कारण अंटार्टिका के ग्लेशियर पिघल रहे हैं। बता दें कि 1 साल में करीब 35 अरब पानी पिघल कर समुद्र में जा रहा है। जिसके कारण समुद्र में पानी का स्तर काफी तेजी से बढ़ रहा है। जिससे समुद्र किनारे बसे शहरों को ज्यादा खतरा है। कई जगहों पर तो आने वाले कुछ समय में उस शहर का नामोनिशान तक मिटने की आशंका जताई गई है। जिसके कारण बार-बार चक्रवात की स्थिति उत्पन्न हो रही है।

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Sanjucta Pandit
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सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit →
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