Japan Earthquake: जापान के तटीय इलाकों में 7.6 तीव्रता का भीषण भूकंप, सुनामी का अलर्ट जारी

जापान के होक्काइडो क्षेत्र में सोमवार शाम 7.6 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप के झटके महसूस किए गए। प्रशासन ने तटीय इलाकों के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की है। इससे पहले नवंबर में भी इसी क्षेत्र के पास तेज भूकंप आया था।
Japan Earthquake: जापान के तटीय इलाकों में 7.6 तीव्रता का भीषण भूकंप, सुनामी का अलर्ट जारी

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BREAKING : जापान के उत्तरी क्षेत्र में सोमवार शाम एक शक्तिशाली भूकंप ने धरती हिला दी। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 7.6 मापी गई है। इस भीषण झटके के बाद प्रशासन ने तुरंत हरकत में आते हुए तटीय इलाकों के लिए सुनामी का अलर्ट जारी कर दिया है। यह भूकंप होक्काइडो क्षेत्र में महसूस किया गया, जिससे लोगों में दहशत फैल गई।

प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, भूकंप सोमवार (8 दिसंबर) को स्थानीय समय के मुताबिक शाम 7 बजकर 45 मिनट पर आया। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) की रिपोर्ट बताती है कि भूकंप का केंद्र होक्काइडो के तट के पास 41°N अक्षांश और 142.3°E देशांतर पर स्थित था। इसका उद्गम स्थल जमीन से करीब 32 मील (लगभग 51 किलोमीटर) की गहराई में था।

सुनामी का खतरा और प्रशासन की तैयारी

भूकंप की तीव्रता को देखते हुए अधिकारियों ने तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। सुनामी की चेतावनी जारी होने के बाद आपातकालीन सेवाएं अलर्ट मोड पर हैं। हालांकि, अभी तक किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान या परमाणु ऊर्जा संयंत्रों में किसी समस्या की तत्काल कोई खबर नहीं मिली है। प्रशासन स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है।

नवंबर में भी कांपा था जापान

जापान में भूकंप की यह घटना कोई नई नहीं है। इससे पहले 9 नवंबर को भी उत्तरी जापान में तेज भूकंप आया था। उस समय रिक्टर स्केल पर तीव्रता 6.9 मापी गई थी। यह भूकंप इवाते प्रान्त (Iwate prefecture) के तट पर शाम 5:03 बजे आया था, जिसका केंद्र लगभग 20 किलोमीटर की गहराई में था।

उस घटना के दौरान भी प्रशासन ने सुनामी की एडवाइजरी जारी की थी। मौसम एजेंसी ने 1 मीटर तक ऊंची लहरें उठने की आशंका जताई थी, जबकि कुछ पूर्वानुमानों में 3 मीटर तक की लहरों की चेतावनी दी गई थी। हालांकि, बाद में ओफुनारो, मियाको और कामाइशी जैसे क्षेत्रों में 10 से 20 सेंटीमीटर की छोटी सुनामी लहरें ही दर्ज की गईं। कुछ घंटों बाद एडवाइजरी वापस ले ली गई थी, लेकिन कई दिनों तक आफ्टरशॉक्स (भूकंप के बाद के झटके) महसूस किए गए थे।

‘रिंग ऑफ फायर’ का खतरा

जापान भौगोलिक रूप से प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ (Ring of Fire) क्षेत्र में स्थित है। यह दुनिया का सबसे अधिक भूकंप संभावित क्षेत्र माना जाता है। यहां टेक्टोनिक प्लेटों के टकराने के कारण अक्सर भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट जैसी घटनाएं होती रहती हैं। यही वजह है कि जापान में भूकंप रोधी तकनीक और आपदा प्रबंधन पर इतना जोर दिया जाता है। फिलहाल होक्काइडो में आए इस ताजा भूकंप के बाद राहत और बचाव एजेंसियां किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।

Banshika Sharma
लेखक के बारे में
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कंटेंट राइटर

मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma →
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