ये देश है सांपों का घर, जहां हर साल हजारों लोग बनते हैं शिकार… फिर भी नहीं होती मौत!

भारत हो या दुनिया का कोई भी देश ऐसा नहीं है, जहां सांपों की अनेक प्रजाति ना पाई जाती है, लेकिन आज हम आपको उस देश के बारे में बताएंगे, जहां पर दुनिया के सबसे खतरनाक सांप पाए जाते हैं।
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पृथ्वी पर हजारों प्रजाति वाले सांप पाए जाते हैं। जिनमें से कुछ इतनी ज्यादा जहरीले होते हैं कि उनके काटते ही तत्काल इंसान के मौत हो सकती है। तो कुछ सांप ऐसे भी है, जिनमें विष न के बराबर होता है। कुछ अपनी लंबाई और वजन के लिए जाने जाते हैं, तो कुछ सबसे छोटे होने के लिए भी प्रख्यात है। हर सांप की अपनी अलग-अलग खासियत होती है।

अमूमन सांप का नाम सुनते ही लोगों के माथे पर पसीना आ जाता है, क्योंकि यह एक विषैला जानवर है। जिसके काटते ही इंसान की मौत हो जाती है।

दुनिया का सबसे खतरनाक सांप

भारत हो या दुनिया का कोई भी देश ऐसा नहीं है, जहां सांपों की अनेक प्रजाति ना पाई जाती है, लेकिन आज हम आपको उस देश के बारे में बताएंगे, जहां पर दुनिया के सबसे खतरनाक सांप पाए जाते हैं। फिर भी यहां सांप के जहर से बहुत कम लोगों की ही मौत होती है। यह जानकारी अपने आप में हैरान कर देने वाली है, लेकिन यह बिल्कुल सच है।

ऑस्ट्रेलिया

दरअसल, इस देश का नाम ऑस्ट्रेलिया है, जिसे सांपों का घर भी कहा जाता है। यहां कई ऐसे जहरीले सांप पाए जाते हैं, जो यदि एक बार काट ले, तो कुछ मिनट में ही इंसान की मौत पक्की है। इसी देश में दुनिया का सबसे जहरीला सांप इनलैंड ताईपन पाया जाता है। बता दें कि यह इतना खतरनाक होता है कि अपने एक बार के डंक से 100 से अधिक लोगों को करने लायक जहर छोड़ सकता है। इस सांप के जहर में एंजाइम मौजूद होता है, जो शरीर में तेजी से फैलता है। जिस वजह से इंसान की मौत हो जाती है।

दवा है उपलब्ध

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऑस्ट्रेलिया में हर साल करीब 3000 लोग सांपों के काटने का शिकार बनते हैं, जिनमें ज्यादातर ग्रामीण इलाकों के लोग होते हैं। जहां लोग खेत, झाड़ी या फिर घर के पास सांपों से टकरा जाते हैं। हालांकि, समय पर यहां लोगों को उपचार मिल जाने से ज्यादातर मामलों में व्यक्ति की जान बच जाती है। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, इस देश में सांपों के जहर के लिए खास एंटीवेनम उपलब्ध है, जो कि एक प्रकार की दवा है। जिस कारण यहां सांप के काटने से मरने वालों की औसतम संख्या केवल 1 से 3 लोग हैं, जो कि अन्य दूसरे देशों की तुलना में बहुत ही अधिक कम है।

दी जाती है ट्रेनिंग

आपको यह जानकर हैरानी होगी कि जहां सबसे अधिक सांप पाए जाते हैं, वहां इतनी कम मौतें सांपों के काटने से कैसे होती है। दरअसल, इसके पीछे की वजह डॉक्टर और नर्स स्टाफ को सांप के काटने के इलाज की दी जाने वाली अच्छी ट्रेनिंग है। ऐसे में गंभीर से गंभीर मामले में भी मरीज की जान बचाई जा सकती है। यदि ऐसी ही अच्छी ट्रेनिंग और सांपों के काटने से बचने का बेहतर इलाज भारत समेत अन्य देशों में हो, तो लोगों की जान आसानी से बचाई जा सकती है।

Sanjucta Pandit
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सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit →
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