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अमेरिका ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान में रेको दीक सोने की खान के लिए 1.3 अरब डॉलर निवेश का ऐलान किया, जानें क्या है ट्रंप का प्रोजेक्ट वॉल्ट

Written by:Banshika Sharma
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अमेरिकी विदेश विभाग ने पुष्टि की है कि वह पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत स्थित रेको दीक सोने और तांबे की खदान में 1.3 अरब डॉलर का निवेश करेगा। यह निवेश 'प्रोजेक्ट वॉल्ट' नामक एक नई अमेरिकी पहल का हिस्सा है, जिसकी घोषणा डोनाल्ड ट्रंप ने की थी। इसका मकसद दुनिया भर में महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित करना है।
अमेरिका ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान में रेको दीक सोने की खान के लिए 1.3 अरब डॉलर निवेश का ऐलान किया, जानें क्या है ट्रंप का प्रोजेक्ट वॉल्ट

अमेरिका ने वैश्विक खनिज बाजार में अपनी पैठ मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए पाकिस्तान में 1.3 अरब डॉलर के भारी-भरकम निवेश की घोषणा की है। यह निवेश पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में स्थित दुनिया की सबसे बड़ी सोने और तांबे की खदानों में से एक, रेको दीक खान (Reko Diq mine) में किया जाएगा। अमेरिकी विदेश विभाग ने बुधवार को इस बात की जानकारी दी।

यह पूरा निवेश अमेरिका की एक महत्वाकांक्षी योजना ‘प्रोजेक्ट वॉल्ट’ का हिस्सा है। इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य दुनिया भर में फैले जरूरी खनिजों और दुर्लभ धातुओं के बाजार को एक नया आकार देना और अमेरिकी हितों को सुरक्षित करना है। दिलचस्प बात यह है कि प्रोजेक्ट वॉल्ट के तहत यह अमेरिका का अपने देश के बाहर किया गया एकमात्र विदेशी निवेश है।

क्या है प्रोजेक्ट वॉल्ट?

अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, प्रोजेक्ट वॉल्ट की घोषणा पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसी साल फरवरी में की थी। इस पहल का नेतृत्व अमेरिकी एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट बैंक (EXIM) के अध्यक्ष कर रहे हैं। इस योजना को सफल बनाने के लिए EXIM ने 10 अरब डॉलर का कर्ज भी मंजूर किया है, जो इस संघीय एजेंसी के इतिहास में दिए गए सबसे बड़े कर्जों में से एक है।

पिछले एक साल में, EXIM बैंक ने महत्वपूर्ण खनिज परियोजनाओं के लिए 14.8 अरब डॉलर के ‘लेटर्स ऑफ इंटरेस्ट’ जारी किए हैं, जिसके तहत पाकिस्तान में 1.3 अरब डॉलर का यह निवेश भी शामिल है।

सोने और तांबे का विशाल भंडार है रेको दीक

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के चागाई पर्वत श्रृंखला में स्थित रेको दीक खान को सोने और तांबे के विशालतम भंडारों में से एक माना जाता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस क्षेत्र में लगभग 5.9 अरब टन अयस्क मौजूद है। इस अयस्क में 0.41% तांबा और करीब 41.5 मिलियन औंस सोना होने का अनुमान है। यह इलाका एक पुराने ज्वालामुखीय क्षेत्र का हिस्सा है और रणनीतिक रूप से क्वेटा-तफ्तान रेलवे लाइन और अफगानिस्तान सीमा के बीच स्थित है।

अमेरिका में भी हुए हैं बड़े निवेश

प्रोजेक्ट वॉल्ट के तहत अमेरिका ने अपने देश के बाहर सिर्फ पाकिस्तान में निवेश किया है, लेकिन देश के भीतर कई परियोजनाओं को फंड दिया गया है:

  • अमेरिकी स्ट्रैटेजिक क्रिटिकल मिनरल रिजर्व: इसके लिए 10 अरब डॉलर की एक योजना तैयार की गई है।
  • पेंसिल्वेनिया: टाइटेनियम, निकल और एडवांस मेटल पाउडर के लिए 27.4 मिलियन डॉलर।
  • टेनेसी: एडवांस मटेरियल और जरूरी धातुओं की प्रोसेसिंग के लिए 23.5 मिलियन डॉलर।
  • न्यूयॉर्क: जिंक खनन और उत्पादन के लिए 15.9 मिलियन डॉलर।
  • वर्जीनिया: टाइटेनियम प्रोसेसिंग और मैन्युफैक्चरिंग के लिए 11.1 मिलियन डॉलर।

यह खदान पहले भी अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में रही है। साल 2011 में यह पाकिस्तान सरकार और थेथ्यान कॉपर कंपनी (TCC) के बीच एक बड़े कानूनी विवाद का केंद्र बनी थी, जिसके बाद खनन का काम रुक गया था। अब अमेरिकी निवेश से इस परियोजना के दोबारा शुरू होने की उम्मीद है।