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भारत के साथ ट्रेड डील के बाद अमेरिकी सरकार ने जारी किया नया नक्शा, PoK और अक्साई चिन को बताया भारत का अभिन्न हिस्सा

Written by:Banshika Sharma
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भारत और अमेरिका के बीच एक महत्वपूर्ण व्यापार समझौते की घोषणा के साथ ही, अमेरिकी व्यापार कार्यालय (USTR) ने भारत का एक नया नक्शा जारी किया है। इस नक्शे में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) और चीन के कब्जे वाले अक्साई चिन को भारत का अभिन्न अंग दिखाया गया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
भारत के साथ ट्रेड डील के बाद अमेरिकी सरकार ने जारी किया नया नक्शा, PoK और अक्साई चिन को बताया भारत का अभिन्न हिस्सा

भारत और अमेरिका के बीच मजबूत होते रिश्तों का एक और बड़ा संकेत देखने को मिला है। शुक्रवार को दोनों देशों के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते का फ्रेमवर्क घोषित होने के बाद, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (USTR) ने भारत का एक ऐसा नक्शा साझा किया, जो भारत के आधिकारिक रुख का पूरी तरह समर्थन करता है। इस नक्शे में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) और चीन के अवैध कब्जे वाले अक्साई चिन को भारत की सीमाओं के भीतर दिखाया गया है।

यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अमेरिका और अन्य पश्चिमी देश आमतौर पर अपने आधिकारिक नक्शों में इन विवादित क्षेत्रों को अलग दिखाने के लिए बिंदुकित रेखाओं (dotted lines) का उपयोग करते हैं। USTR द्वारा जारी यह नक्शा सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है और इसे पाकिस्तान और चीन के लिए एक कूटनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। भारत हमेशा से पूरे जम्मू-कश्मीर को अपना अभिन्न अंग मानता रहा है।

पाकिस्तान और चीन को कड़ा संदेश

अमेरिका का यह कदम ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान लगातार कश्मीर का मुद्दा उठाता रहा है। हाल ही में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा था कि कश्मीर पाकिस्तान का हिस्सा बनेगा और यह उनकी विदेश नीति की नींव है। ऐसे में अमेरिका का PoK को भारत का हिस्सा दिखाना पाकिस्तान के लिए एक बड़ा झटका है।

वहीं, अक्साई चिन को लेकर भारत का चीन के साथ 1962 से विवाद चल रहा है। चीन ने 1962 के युद्ध के बाद लद्दाख के इस लगभग 38,000 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र पर अवैध कब्जा कर लिया था। यह क्षेत्र चीन के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि यह तिब्बत को शिनजियांग प्रांत से जोड़ता है। अमेरिकी नक्शे में अक्साई चिन को भारत में दिखाना चीन के लिए भी एक स्पष्ट संदेश है।

क्या है भारत-अमेरिका ट्रेड डील?

जिस घोषणा के साथ यह नक्शा साझा किया गया, वह भारत और अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते (ITA) का फ्रेमवर्क है। इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार को और सुगम बनाना है।

इस फ्रेमवर्क के तहत कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं:

  • भारतीय सामान पर लगने वाले अमेरिकी टैक्स को 50% से घटाकर 18% कर दिया गया है।
  • रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर लगाया गया 25% अतिरिक्त टैक्स भी हटा लिया गया है।
  • जेनेरिक दवाओं, रत्न और हीरे, और विमान के पुर्जों जैसे कुछ उत्पादों पर टैरिफ को शून्य कर दिया जाएगा।
  • इस समझौते से भारतीय MSME, किसानों और मछुआरों को 30 ट्रिलियन डॉलर के अमेरिकी बाजार तक पहुंच मिलेगी।
  • भारत अगले पांच वर्षों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर के उत्पाद खरीदने पर भी सहमत हुआ है।

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार, यह समझौता भारतीय निर्यातकों के लिए बड़े अवसर पैदा करेगा और इससे लाखों नए रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। यह फ्रेमवर्क एक व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) की दिशा में पहला कदम है।

विवादों का पुराना इतिहास

PoK का विवाद 1947 में भारत-पाकिस्तान विभाजन के साथ ही शुरू हो गया था। जम्मू-कश्मीर के महाराजा हरि सिंह ने विलय पत्र पर हस्ताक्षर कर रियासत को भारत में शामिल किया था, लेकिन पाकिस्तानी कबायलियों ने हमला कर एक बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया, जिसे आज PoK कहा जाता है।

इसी तरह, अक्साई चिन पर चीन ने 1950 के दशक में चुपके से सड़क निर्माण शुरू किया और 1962 के युद्ध के बाद इस पर पूरी तरह कब्जा कर लिया। भारत इन दोनों क्षेत्रों पर अपना संप्रभु अधिकार मानता है और उन्हें वापस लेने की बात करता रहा है। अमेरिका का यह नया नक्शा भारत के इसी दावे को अप्रत्यक्ष रूप से मजबूती देता है।