US Supreme Court : सुप्रीम कोर्ट का फैसला ‘सार्वजनिक रूप से बंदूक ले जाना मौलिक अधिकार’

US Supreme Court : सुप्रीम कोर्ट का फैसला ‘सार्वजनिक रूप से बंदूक ले जाना मौलिक अधिकार’

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट (US Supreme Court) ने बड़ा फैसला सुनाते हुए गुरुवार को बंदूक रखने के अधिकारों को प्रतिबंधित करने वाले न्यूयॉर्क कानून को रद्द कर दिया। न्यूयॉर्क स्टेट राइफल एंड पिस्टल एसोसिएशन बनाम ब्रुएन केस पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ये फैसला सुनाया। अदालत ने जो बाइडन प्रशासन (President Joe Biden) को झटका दिया है। अदालत ने कहा कि ‘अमेरिकियों को गन लेकर चलने पर रोक नहीं लगाई जा सकती। न ही इसमें कोई शर्त जोड़ी जा सकती है। अमेरिका के लोगों को सार्वजनिक रूप से बंदूक ले जाने का मौलिक अधिकार है और इस अधिकार को सीमित करना संविधान के 14 वें संशोधन का उल्लंघन करता है।’ सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर जो बाइडन ने निराशा व्यक्त की है।

बता दें कि अमेरिका में अक्सर होने वाली मॉब फायरिंग की घटनाओं के बाद से वहां खुलेआम बंदूक लेकर चलने पर पाबंदी लगाने की मांग हो रही है। बता दें कि ये कानून एक सदी से भी अधिक समय से अमेरिका में लागू था, जिसके तहत लोग घर के बाहर बगैर लाइसेंस हथियार नहीं ले जा सकते थे। लेकिन गुरूवार को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट इसे रद्द कर दिया। कोर्ट के न्यायाधीशों का फैसला 6-3 के मत विभाजन के आधार पर आया।

ये फैसला आने के बाद अब न्यूयॉर्क, लॉस एंजिलिस तथा बोस्टन अन्य बड़े शहरों सहित के साथ अन्य जगहों पर भी गन लेकर चल सकेंगे। जिन जगहों पर ये व्यवस्था लागू होगी वहां अमेरिका की एक चौथाई आबाद निवास करती है। पिछले कुछ समय में न्यूयॉर्क, टेक्सास और कैलिफोर्निया में हुई सामूहिक गोलीबारी के बाद से हथियारों पर प्रतिबंध की मांग लगातार उठ रही थी। ऐसे में अदालत के इस फैसले ने राष्ट्रपति सहित कई अन्य लोगों को भी निराश किया है।

Shruty Kushwaha
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Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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