लॉकडाउन में पेंडिंग रही सर्जरी के लिए संभाग आयुक्त ने दी हरि झंडी

लॉकडाउन में पेंडिंग रही सर्जरी के लिए संभाग आयुक्त ने दी हरि झंडी

जबलपुर| संदीप कुमार| एक जून से अनलाॅक (Unlock) के पहले चरण की शुरूआत हो गई है| केन्द्र सरकार से मिले निर्देशो के बाद अब मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) मे भी छूट का दायरा लाॅकडाउन (Lockdown) मे देखने को मिल रहा है। इस बीच अनलाॅक 1.0 मे मरीज़ो की लिए राहत भरी खबर सामने आई है जो अपनी जटिल सर्जरी कराने के लिए करीब ढ़ाई महीनो से इंतज़ार कर रहे थे। जबलपुर स्थित महाकौशल संभाग के सबसे बड़े और अधुनिक मेडीकल काॅलेज अस्पताल समेत प्राईवेट अस्पतालो मे लंबित 4 हज़ार से ज्यादा सर्जरी करने को हरी झंडी संभागायुक्त महेशचंद्र चैधरी ने दे दी है।

बातचीत के दौरान संभागायुक्त ने बताया कि प्रथम चरण मे 4 हज़ार के करीब सर्जरीज़ को शाॅर्टलिस्ट किया गया है जिसके लिए वीक्ली प्लांनिग कर मीटिंग भी ली जाएगी और समय समय पर माॅनिटरिंग होगी। संभागायुक्त ने बताया कि मेडीकल के अलग अलग डिपार्टमेंटस् मे पेंडिंग सर्जरी की लंबी फेहरिस्त है| सबसे पहले उन आवश्यक सर्जरी को पूरा किया जाएगा जिसमे मरीज़ की हालत ज्यादा गंभीर है। इसके साथ साथ संभाग मे आले वाले बालाघाट , छिंदवाड़ा , कटनी और नरसिंहपुर समेत 8 जिलो मे लंबित सर्जरीज़ की भी लिस्ट बुलवाई गई है। न केवल सरकारी अस्पताल बल्कि निजी अस्पतालो को भी संभागायुक्त ने निर्देश दिए है कि वे अनलाॅक के पहले चरण के साथ ही अपनी फुल फंक्शनिंग मे आए और स्वास्थ्य सुविधाओ को वापस सुचारू रूप से शुरू करे। एक लिहाज़ से अनलाॅक 01 की शुरूआत के साथ मरीज़ो के लिए े बड़ी राहत कही जा सकती है। महाकौशल संभाग के केन्द्र बिंदू होने के नाते स्वास्थ्य के लिहाज़ से भी एक बड़ा दबाव जबलपुर मे होता है और आसपास के जिलो से सभी मरीज़ जबलपुर पहुॅचते है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews