ऑटो के धुएं, आवाज और कालिख ने किया भोपाल के लोगों को बीमार, अधिकारियों को नोटिस जारी

पैथोलॉजी सेंटर के चेंजिंग रूम मे मिला मोबाइल कैमरा, मरीज महिला के बनाये जा रहे थे वीडियो, कमिश्नर को नोटिस जारी

M P State Human Rights Commission notice to Transport Department : मप्र मानव अधिकार आयोग ने भोपाल शहर की सडकों में चल रहे करीब आठ हजार पुराने ऑटो से निकलने वाली 100 डेसिबल की आवाज और कालिख से धुएं से शहर की आब-ओ-हवा को प्रदूषित होने संबंधी एक रिपोर्ट  पर संज्ञान लिया है।

कितना घातक है ऑटो से निकलने वाला धुआँ, कालिख और आवाज 

रिपोर्ट के मुताबिक कर्णरोग विशेषज्ञों का कहना है कि 45 डेसिबल तक की आवाज कानों के पर्दों के लिये अनुकूल है। मनुष्य के कान 90 डेेसिबल तक की आवाज को अच्छे से सुन सकते हैं। यदि आवाज इससे भी तेज हो जाये, तो मनुष्य में ह्रदय की धड़कन बढ़ना, सिरदर्द, बेचैनी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा शहर में सीएनजी ऑटो आ जाने के बाद भी यहां बड़ी संख्या में पेट्रोल ऑटो चल रहे हैं, जिसमें ऑइल भी मिलाया जाता है। इससे निकलने वाले धुएं से ही प्रदूषण फैलता है।

नोटिस जारी 

मामले में आयोग ने पुलिस कमिश्नर, भोपाल तथा जिला परिवहन अधिकारी, भोपाल से प्रकरण की जांच कराकर की गई कार्यवाही का दो माह में तथ्यात्मक प्रतिवेदन मांगा है। आयोग ने इन दोनों अधिकारियों से प्रतिवेदन में यह जानकारी भी देने को कहा है कि  कितने ऑटो रिक्शाओं की जांच की गई । इनमें से कितने तय मानक स्तर से कम पाये गये।  उनपर क्या कार्यवाही की गई।  प्रदूषण नियंत्रण के लिये आवश्यक उपायों का पालन सुनिश्चित कराने के संबंध में क्या कार्यवाही की गई।

लेखक के बारे में
Follow Us :GoogleNews