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बाल कल्याण समिति जबलपुर के अध्यक्ष को पद से हटाया, शिकायत पर लिया एक्शन, मंत्रालय का आदेश जारी

Reported by:Sandeep Kumar|Edited by:Atul Saxena
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जांच प्रतिवेदन, साक्षियों के बयान और सुनवाई के आधार पर विभाग ने पाया कि अध्यक्ष का आचरण बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष पद की गरिमा और जिम्मेदारी के अनुरूप नहीं था।
बाल कल्याण समिति जबलपुर के अध्यक्ष को पद से हटाया, शिकायत पर लिया एक्शन, मंत्रालय का आदेश जारी

Child Welfare Committee

महिला एवं बाल विकास विभाग ने आदेश जारी कर बाल कल्याण समिति जबलपुर के अध्यक्ष मनीष व्यास को पद से हटा दिया गया है। ये कार्रवाई मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल द्वारा के निर्देश पर की है इसकी वजह एक महिला सदस्य द्वारा अध्यक्ष के व्यवहार को लेकर की गई शिकायत बताई गई है

मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार व्यास के खिलाफ समिति की सदस्य श्रीमती मेघा पवार द्वारा शिकायत की गई थी। जिसमें महिला सदस्यों के प्रति अध्यक्ष व्यास के अमर्यादित व्यवहार की शिकायत की गई थी शिकायत के बाद इसकी जांच एसडीएम रांझी जबलपुर से कराई गई। एसडी एम की जांच में समिति की महिला सदस्यों के प्रति अध्यक्ष मनीष व्यास का व्यवहार असंयमित और गरिमा के अनुरूप नहीं पाया गया।

जाँच में सामने आया अध्यक्ष का व्यवहार पद की गरिमा के अनुकूल नहीं 

प्रतिवेदन मिलने के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मनीष व्यास को कारण बताओ नोटिस भी जारी कर जवाब मांगा गया था। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अध्यक्ष का पक्ष भी सुना गया जिसमें व्यास ने अपने जवाब में पूरे मामले को प्रशासनिक मतभेद बताया, लेकिन जांच प्रतिवेदन, साक्षियों के बयान और सुनवाई के आधार पर विभाग ने पाया कि उनका आचरण बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष पद की गरिमा और जिम्मेदारी के अनुरूप नहीं था।

24 अक्टूबर 2024 को नियुक्त किया गया था अध्यक्ष 

विभाग ने यह भी माना कि उनका व्यवहार समिति की आचार संहिता और किशोर न्याय नियमों के विपरीत है। इसके आधार पर आदेश जारी कर किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 की धारा के तहत मनीष व्यास को बाल कल्याण समिति, जबलपुर के अध्यक्ष पद से पृथक कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा मनीष व्यास को 24 अक्टूबर 2024 की किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के तहत बाल कल्याण समिति जबलपुर का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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