हाथी की मौत का मामला, नागरिक उपभोक्ता मंच ने वन विभाग को भेजा लीगल नोटिस

हाथी की मौत का मामला, नागरिक उपभोक्ता मंच ने वन विभाग को भेजा लीगल नोटिस

जबलपुर, संदीप कुमार| जबलपुर (Jabalpur) में बीते दिनों बरगी के मोहस गांव में हुई करंट से एक हाथी की मौत (Elephant Death) के मामले में अब समाजिक संगठन आगे आने लगे है। जबलपुर में नागरिक उपभोक्ता मंच ने मध्यप्रदेश के वन विभाग (Forest Department) के प्रमुख सचिव को लीगल नोटिस दिया है…

हाथी की मौत के लिए वन विभाग है जिम्मेदार
नागरिक उपभोक्ता मंच ने अपने लीगल नोटिस में कहा है कि एनजीटी के आदेश के मद्देनज़र, हाथी की मौत के लिए जिम्मेदार अफसरों से पर्यावरण मुआवज़ा वसूला जाए साथ ही लीगल नोटिस में प्रदेश के बांधवगढ़ टाईगर रिजर्व के आस पास घूम रहे 40 जंगली हाथियों को सुरक्षा दिए जाने की मांग की गई है…

48 घन्टे में नही दिया जवाब तो एनजीटी में दायर की जाएगी याचिका....
नागरिक उपभोक्ता मंच ने अपने लीगल नोटिस में कहा गया है कि अगर वन विभाग ने दो दिनों में जुर्माना वसूली और हाथियों को सुरक्षा देने की कार्यवाई नहीं करता है तो मामले में एनजीटी में याचिका दायर की जाएगी।

नोटिस में केरल और असम की घटना का भी दिया गया हवाला….
वन विभाग को नोटिस देने वाले जबलपुर के नागरिक उपभोक्ता मंच का कहना है कि केरल में गर्भवती हथिनी की मौत और असम में हाथियों के शिकार के मामले में एनजीटी ने लापरवाह अफसरों से पर्यावरण मुआवज़ा वसूलने और हाथियों की सुरक्षा का विस्तृत आदेश दिया था जिसका पालन मध्यप्रदेश में नहीं किया जा रहा है।

उड़ीसा से भटकते हुए दो हाथी पहुँच गए थे जबलपुर-एक कि हो गई मौत….
गौरतलब है कि उड़ीसा से दो हाथी अपने झुंड से बिछड़ने के बाद भटकते हुए पहले छत्तीसगढ़ और फिर मध्यप्रदेश के जबलपुर पहुँच गए थे जहां बीते दिनों शिकारियों द्वारा फैलाए गए करेंट से एक हाथी की मौत हो गई थी वहीं दूसरा हाथी भटकते हुए मंडला जिले के बीजाडांडी पहुंच गया है जिसने वहां दो ग्रामीणों को घायल कर दिया।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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