कोल्ड्रिफ कफ सिरप मामला: जेल में ही मनेगी डॉ प्रवीण सोनी की दिवाली, सामने आई ये बड़ी वजह

बच्चों को कोल्ड्रिफ कफ सिरप लिखने वाले शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण सोनी की जमानत याचिका बीते दिनों सेशन कोर्ट ने खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
Chhindwara cough syrup case

कफ सिरप कोल्ड्रिफ लिखकर चर्चा में आये छिंदवाड़ा के डॉक्टर प्रवीण सोनी की दिवाली जेल में मनेगी , इसकी वजह ये है कि उनकी जमानत याचिका पर गुरुवार को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की कोर्ट में सुनवाई होना था, पर नंबर न आने के चलती सुनवाई नहीं हो पाई। अब 27 अक्टूबर को कोर्ट डॉक्टर प्रवीण सोनी की जमानत याचिका पर सुनवाई करेगा।

कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने से अब तक 26 बच्चों की जा चुकी जान 

बच्चों को कोल्ड्रिफ कफ सिरप लिखने वाले शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण सोनी की जमानत याचिका बीते दिनों सेशन कोर्ट ने खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कोल्ड्रिफ कफ सिरप से छिंदवाड़ा और बैतूल में अब तक 26 बच्चों की मौत हो चुकी है। मामले में सरकार ने ड्रग कंट्रोलर सहित कई अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की है। डॉ. प्रवीण सोनी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।

पुलिस ने डॉ सोनी को पिछले दिनों किया था गिरफ्तार 

पुलिस ने इस मामले में डॉ. प्रवीण सोनी और तमिलनाडु की दवा कंपनी श्रीसन फार्मास्यूटिकल के संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। डॉक्टर सोनी को राजपाल चौक से गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज करते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। औषधि प्रशासन विभाग ने कार्रवाई करते हुए स्थानीय मेसर्स अपना मेडिकल स्टोर्स का ड्रग लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। यह कार्रवाई औषधि एवं प्रसाधन सामग्री नियमावली, 1945 के नियम 66(1) के तहत की गई।

जबलपुर से संदीप कुमार की रिपोर्ट  

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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