युवतियों का वीडियो वायरल करना पड़ा महंगा, कोरोना फाइटर पर मामला दर्ज

युवतियों का वीडियो वायरल करना पड़ा महंगा, कोरोना फाइटर पर मामला दर्ज

जबलपुर|संदीप कुमार  शहर में लॉक डाउन के बीच कोरोना फाइटर्स को स्कूटर में जा रही दो युवतियों का वीडियो बनाकर वायरल करना महंगा पड़ गया है। कोरोना वायरस संक्रमण के लिए जिस थाने में युवकों को कोरोना फाइटर्स बनाकर तैनात किया गया था उसी थाने में युवतियों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है।

दरअसल, कुछ दिनों पहले सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमे की दो युवतियां स्कूटर में बिना मास्क लगाकर घूम रही है इतना ही नही स्कूटर में पीछे बैठी युवती तो सिगरेट भी पी रही है।

गर्लफ्रैंड बन जा नही तो वीडियो कर दूंगा वायरल…..
ग्वारीघाट और महिला थाना पुलिस को शिकायत में युवती ने बताया कि 24 अप्रैल को जब वह स्कूटर में अपनी छोटी बहन के साथ दूध लेने जा रही थी तभी भटोली कुंड के पास पड़ोस के एक लड़का सुरेंद्र कुमार जो कि वर्तमान में कोरोना फाइटर्स का काम कर रहा है उसने पूछा कि तुम लोग बिना मास्क लगाए कहा जा रहे है इतना कहते ही वह मोबाइल से वीडियो बंनाने लगा। इतना ही नही सुरेंद्र ने अपनी सिगरेट उनकी छोटी बहन को भी इस दौरान दे दी जिसका भी वीडियो बनाया गया।उसी दिन शाम को सुरेंद्र फिर उससे मिला और गर्लफ्रैंड बनने के लिए कहा साथ ही ये भी कहा कि अगर मेरी बात नही मानी तो वीडियो वायरल कर दूंगा।

वीडियो हुआ वायरल-सोशल साइट्स के जरिये पहुँचा परिवार वालो तक…
युवती की बात न मानने पर सुरेंद्र ने मोबाइल से बनाये गए वीडियो को वायरल कर दिया जिसके बाद यह वीडियो युवती के परिजनों तक पहुँच गया।जिसके बाद वीडियो बनाकर वायरल करने और ब्लैकमेल करने के मामले में युवती ने थाना ग्वारीघाट और महिला थाने में अपनी शिकायत दर्ज कराई है।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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