महंगी कीमत पर बेच रहे थे सिलेंडर, शिकायत पर कलेक्टर ने कराया स्टिंग,12 गैस एजेंसियों को नोटिस जारी

गैस वितरक एजेंसियों के कर्मचारियों द्वारा गैर पंजीकृत उपभोक्ता होने के बावजूद जांच अधिकारियों को निर्धारित दर 860 रुपये के स्थान पर एक हजार रुपये से 1हजार 400 रुपये लेकर प्रदान कर दिये गये।
Jabalpur gas cylinder sting

जबलपुर कलेक्टर के पास आए दिन शिकायतें आ रही थी, कि तय रेट से अधिक दामों में घरेलू गैस सिलेंडर दिए जा रहे है। लिहाजा जब जांच करवाई तो 12 रसोई गैस वितरकों के स्थान पर पाया कि डेढ़ सौ से 200 रुपए तक ग्राहकों से अधिक वूसल किए जा रहे है, इसके बाद कलेक्टर ने शासकीय कर्मचारियों को ग्राहक बनाकर भेजा, जिन्होंने स्टिंग ऑपरेशन कर वीडियो बनाए और कलेक्टर को सौंपे, जिसके बाद कलेक्टर ने रसोई गैस वितरकों को निर्धारित दर से अधिक कीमत पर गैस सिलेंडर बेचने का दोषी पाते हुए 12 गैंस एजेंसी संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है।

दरअसल कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के पास बीते कुछ दिनों से लगातार शिकायतें पहुंच रही थी कि शहर के अधिकांश क्षेत्रों में रसोई गैस वितरकों की मनमानी चल रही है। सिलेंडर देने के लिए उनसे अधिक राशि वसूल की जा रही है। मामले पर कलेक्टर ने पहले जांच करवाई, तो पाया कि जनता की शिकायतें बिल्कुल सही है, लिहाजा उन्होंने जांच अधिकारियों को खाली सिलेंडर के साथ ग्राहक बनाकर भेजा। निर्देश के परिपालन में जांच अधिकारी ना सिर्फ मौके पर पहुंचकर जांच की बल्कि वीडियो भी बनाए। शहर की 12 रसोई गैस वितरकों ने अधिक रुपए देकर गैस सिलेंडर दिए।

खाली सिलेंडर लेकर पहुंचे जांच अधिकारी

कलेक्टर कार्यालय की खाद्य शाखा के अनुसार घरेलू रसोई गैस के दुरुपयोग को रोकने कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम गोरखपुर अनुराग सिंह द्वारा अनुविभागवार जांच दलों का गठन किया गया था। इन जाँच दलों में शामिल अधिकारियों द्वारा ग्राहक बनकर रसोई गैस वितरक एजेंसियों की जांच की गई थी। जाँच दल में शामिल अधिकारी खाली सिलेंडर लेकर रसोई गैस एजेंसी पहुँचे थे और भरे हुये सिलेंडर क्रय करने की मांग गैस एजेंसी के कर्मचारियों से की गई थी।

860 रुपये कीमत का सिलेंडर1400 रुपये में  

जांच में दोषी पाए गई गैस वितरक एजेंसियों के कर्मचारियों द्वारा गैर पंजीकृत उपभोक्ता होने के बावजूद जांच अधिकारियों को निर्धारित दर 860 रुपये के स्थान पर एक हजार रुपये से 1हजार 400 रुपये लेकर प्रदान कर दिये गये। जांच दल के अधिकारियों द्वारा बकायदा इसके वीडियो बनाये गये और भुगतान भी यूपीआई के माध्यम से किया गया।

इनको जारी किया नोटिस

दोषी पाए गए रसोई गैस वितरकों में बलदेवबाग स्थित अथर्व गैस एजेंसी के संचालक अमित अग्रवाल, गौतम जी की मढिया के पास संजीवनी नगर स्थित दीप गैस एजेंसी के संचालक आकाश नेचलानी, रौनक कॉम्लेक्स मदन महल स्थित मदनमहल गैस कंपनी के संचालक सुलभ नाईक, गोहलपुर स्थित विश्वनाथ गैस एजेंसी के संचालक सौरभ अग्रवाल, आनंद नगर आधारताल स्थित आकांक्षा गैस एजेंसी के संचालक सौरभ सिंह जाट, सदर स्थित गुजराल गैस एजेंसी की संचालक श्रीमती तविन्दर कौर गुजराल, राँझी स्थित उदयन गैस एजेंसी की संचालक श्रीमती नुपुर ठाकुर, एकता चौक विजय नगर स्थित दुबे गैस एजेंसी के संचालक गुलाब दुबे, मेन रोड चुंगी नाका राँझी स्थित ओम इंडेन गैस एजेंसी के संचालक अनिल रावतेल, स्टेशन रोड कांचघर स्थित साईं विश्वा गैस एजेंसी के संचालक विनीत कुमार वाजपेयी, कटंगा स्थित मित्तल गैस एजेंसी के पार्टनर शरद मित्तल तथा धुआंधार रोड भेडाघाट स्थित शंकर गैस एजेंसी के संचालक विनय शंकर श्रीवास्तव शामिल हैं।

कलेक्टर ने दी ये चेतावनी 

कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने सभी गैस वितरकों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए तीन दिन के भीतर जबाब देने के निर्देश दिये हैं। कलेक्टर ने तय समयावधि में तथा संतोषजनक जबाब प्रस्तुत नहीं किए जाने की स्थिति में एक पक्षीय कार्यवाही की चेतावनी भी इन रसोई गैस वितरकों को नोटिस में दी गई है। कारण बताओ नोटिस में कहा गया है कि गैस एजेंसियों के संचालक और उनके कर्मचारियों द्वारा कालाबाजारी कर अधिक लाभ कमाने के उद्देश्य से घरेलू रसोई गैस सिलेंडर का विक्रय किया जाना द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (प्रदाय और वितरण विनियमन) आदेश-2000 की कंडिका 3(3), 4(2), 9(घ) का उल्लंघन है तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3 की सहपठित धारा 7 के अंतर्गत दंडनीय अपराध किया है।

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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