बिजली बिल को लेकर पड़ोसी पर जानलेवा हमला, बच्चा घायल, दो महिलाओं की हालत गंभीर

बिजली बिल को लेकर पड़ोसी पर जानलेवा हमला, बच्चा घायल, दो महिलाओं की हालत गंभीर

जबलपुर/संदीप कुमार

लॉक डाउन में बिजली का उपयोग किसने ज्यादा किया और कौन कितना बिजली का बिल अदा करेगा, ये मामूली विवाद खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया। जबलपुर के आनंद नगर में मंगलवार शाम एक ही परिवार की दो महिलाओं और एक बच्चे पर प्राणघातक हमला किया गया। हमला करने वाले और कोई नहीं, साथ में ही रहने वाले किराएदार थे जिन्होंने रॉड और धारदार हथियार से हमला किया था।

बिजली के बिल को लेकर हुआ था विवाद

जानकारी के मुताबिक आकृति जैन के आनंद कालोनी स्थित दो किराएदार रहते हैं। शिवहरे परिवार ऊपर वाले ब्लॉक में रहता है जबकि नीचे पटेल परिवार किराए से रहा करता है। हाल ही में दोनों परिवारों के बीच बिजली का बिल जमा करने को लेकर विवाद हुआ था। विवाद में यह वजह सामने आ रही है कि लॉक डाउन में बिजली का उपयोग किसने ज्यादा किया और किसने कम। दोनों ही परिवार बिजली बिल को लेकर झगड़ रहे थे

शाम को आरोपियों ने घर मे घुसकर किया हमला

घायल चंचल शेखर ने कोतवाली पुलिस को जानकारी दी कि मंगलवार शाम वो अपने घर पर थी तभी नीचे रहने वाली प्रति पटेल-अंजू पटेल उसके पास पहुँची और चाय पिलाने को बोलने लगी। जैसे ही चंचल चाय बनाने गई वैसे ही प्रीति और अंजू अंदर आ गए। पहले तो उन्होंने चंचल के आंखों में मिर्ची डाली और फिर रॉड और धारदार हथियार से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। बहू की चीख सुनकर उसे बचाने सास और 7 साल का बेटा पहुँचा तो उन पर भी हमला किया गया।

आरोपी फरार, घायलों का निजी अस्पताल में इलाज जारी

घटना के बाद आनन फानन में स्थानीय लोगो ने घायल महिलाओं और बच्चे को इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती किया। बच्चे की हालत ठीक है जबकि दोनों महिलाओं की हालत नाजुक बनी हुई है। फिलहाल कोतवाली थाना पुलिस ने भगवती पटेल-मनोज पटेल-प्रति पटेल और अंजू पटेल के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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