राम मंदिर निर्माण को लेकर दिग्गी ने फिर दिया बडा बयान, RSS-BJP को भी घेरा

राम मंदिर निर्माण को लेकर दिग्गी ने फिर दिया बडा बयान, RSS-BJP को भी घेरा

जबलपुर।संदीप कुमार ।

हमेशा अपने बयानों से सुर्खियां बटोरने वाले पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने राममंदिर निर्माण को लेकर फिर बड़ा बयान दिया है।दिग्विजय सिंह ने कहा कि मंदिर निर्माण जल्द ही होगा ।अगर शंकराचार्य और रामानंदाचार्य को भी मंदिर निर्माण में शामिल किया जाए तो बेहतर होगी, निर्माण में उनकी भूमिका अलग होगी।

दरअसल, मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने जबलपुर दौरे के दौरान एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा है।कांग्रेस के दिग्गज नेता ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के ये दोनों बड़े नेता संविधान की मूल भावना को बांटने का काम कर रहे है।उन्होंने कहा कि हमारे भारत देश को एनआरसी और सीएए की जरूरत नही है क्योकि सविधान में पहले ही इस संबंध में व्याख्या की गई है कि ये कानून देश को बॉटने वाले है।

इधर अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा मंदिर निर्माण जल्द ही होगा पर मंदिर की निर्माण प्रक्रिया में शंकराचार्य और रामानंदाचार्य को भी अगर शामिल किया जाए तो मंदिर निर्माण में एक अहम भूमिका उनकी होगी।दिग्विजय सिंह ने ये भी कहा कि अगर दोनों आचार्य को राम मंदिर निर्माण में शामिल नही किया गया तो हो सकता है कि आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद के लोग इसमें राजनीति करेंगे वही अयोध्या में भगवान श्री राम की ऊंची प्रतिमा बनाए जाने पर भी पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह ने आपत्ति जताई है।उन्होंने कहा कि भगवान राम की प्रतिमा बनाए जाने पर कोई दिक्कत नही है पर इतनी ऊंची प्रतिमा अगर बनाई जाएगी तो उसका रखरखाव करना मुश्किल होगा ।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews