छठवीं बटालियन में हुए तीन करोड़ रुपए के घोटाले के बाद आखिरकार दो माह बाद रांझी थाना पुलिस यहां पर पदस्थ एएसआई और आरक्षक सहित 12 से अधिक कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। टीए घोटाले का मास्टरमाइंड सत्यम शर्मा है जो कि अभी भी फरार चल रहा है।
बताया जा रहा है कि 2019 से 2025 के बीच तकरीबन साढ़े तीन करोड़ से अधिक का टीए घोटाला हुआ था। कोष लेखा भोपाल ने जब इसकी जांच की तो रिपोर्ट छठवीं बटालियन में पदस्थ कमांडेंट सिद्धार्थ चौधरी को भेजी गई, इसके बाद जांच के लिए उनके द्वारा एक टीम गठित की गई। इधर जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने भी जिला पंचायत सीईओ के नेतृत्व में एक टीम गठित की।
एएसआई घोटाले का मास्टरमाइंड
शुरुआती जांच में पता चला कि एएसआई सत्यम शर्मा ही इस पूरे घोटाले का मास्टरमाइंड है, जिसने आरक्षक अभिषेक झारिया के साथ मिलकर कई लोगों को इस दिए घोटाले में शामिल किया। आरक्षक अभिषेक झारिया को जब इस घोटाले की जानकारी लगी तो 13 नवंबर 2025 की रात को शोभापुर रेलवे फाटक के सामने ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली।
विभाग ने एएसआई को निलंबित किया
इधर घोटाले में प्रथम दृष्टया सत्यम शर्मा को आरोपी मानते हुए निलंबित कर दिया गया। करीब दो माह तक लगातार चली इस जांच के बाद जबलपुर पुलिस ने पाया कि सत्यम शर्मा ने टीए घोटाला करते हुए छठवीं बटालियन में पदस्थ उन आरक्षकों के खाते में पहले तो रकम ट्रांसफर की और उसके बाद फिर उन्हें कुछ राशि देते हुए वह पूरा पैसा अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिया।
पुलिस ने शुरू की जाँच
पुलिस की जांच में अभी तक सत्यम शर्मा, मृत आरक्षक अभिषेक झारिया सहित 12 से अधिक नाम सामने आए हैं। रांझी थाना पुलिस ने धारा 318-4, 336-3, 61 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि सत्यम शर्मा की तलाश में जल्द ही पुलिस की एक टीम छिंदवाड़ा रवाना होगी।





