जल गया गृहस्थी का सामान, आग नहीं बुझा पाया दमकल वाहन

जल गया गृहस्थी का सामान, आग नहीं बुझा पाया दमकल वाहन

जबलपुर, संदीप कुमार| जबलपुर (Jabalpur) के रांझी स्थित झंडा चौक में आज अचानक ही दो मकान में भीषण आग (Fire) गई लग|  घर पर आग लगते ही परिजनों ने आग बुझाने का प्रयास किया पर असफल रहे| लगातार घर मे बढ़ती आग को देखते हुए फायर ब्रिगेड (Fire Brigade) को सूचना दी गई| आनन फानन में मौके पर दमकल वाहन पहुँचा और जैसे ही आग बुझाना शुरू किया तो दमकल वाहन फेल हो गया|

निगम मूख्यालय से आया दमकल वाहन-तब तक बढ़ चुकी थी आग 
रांझी झंडा चौक में दो मकानों में लगी आग बुझाने के लिए आया दमकल वाहन जब आग बुझाने में नाकाम हुआ तो फिर आनन फानन में निगम मूख्यालय से दूसरे दमकल को बुलाया पर तब तक आग ने विकराल रूप धारण कर घर मे रखी सारी गृहस्थी को राख कर चुकी थी।

सिगड़ी में लगी आग ने जलाया घर 
जानकारी के मुताबिक बाबूलाल चौधरी के घर पर सिगड़ी जल रही थी और वह घर पर ताला लगाकर कही चले गए थे इसी दौरान अचानक ही घर से धुआं निकलने लगा पहले लोगो ने समझा की कुछ कचड़ा जल रहा है पर जब आग ने विकराल रूप लिया तब पता चला कि घर पर आग लगी है।

दमकल वाहन के मेंटेनेंस पर उठे सवाल 
स्थानीय लोगो की माने तो आग लगने के तुरंत बाद ही रांझी स्थित दमकल विभाग को सूचना दी गई,मौके पर दमकल वाहन आया भी पर जैसे ही वाहन से पानी छोड़ा गया तो दमकल का वाहन फेल हो गया और पानी उससे नही निकला इसके बाद जब निगम मूख्यालय से दूसरा वाहन आया तब जाकर आग बूझी।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews