आरटीओ के निलंबन की मांग को लेकर पूर्व राज्यमंत्री धरने पर बैठे

आरटीओ के निलंबन की मांग को लेकर पूर्व राज्यमंत्री धरने पर बैठे

जबलपुर, संदीप कुमार। आरटीओ के निलंबन की मांग को लेकर पूर्व राज्यमंत्री हरेन्द्रजीत सिंह बब्बू सहित सिख समाज आरटीओ कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। इस दौरान आरटीओ के खिलाफ सिख संगत ने जमकर नारेबाजी की वही धरने को लेकर मौके पर जिला प्रशासन व भारी पुलिस बल तैनात था जहा कर्मचारियों के साथ कुछ झड़प की बाते भी सामने आई है। हालांकि पुलिस ने ऐसी किसी भी घटना से इनकार किया है।

सिख समाज के व्यक्ति ने प्रताड़ित होकर खाया था जहर
धरने की मुख्य वजह आरटीओ द्वारा अपना काम कराने आये सिख समाज के रांझी निवासी प्रिंस भसीन ने आरटीओ संतोष पॉल पर आरोप लगाए थे, विगत दिनों उन्होंने खरीदी हुई मोटरसाइकिल को अपने नाम कराने के लिए आरटीओ कार्यालय गए थे जहां पूरे कागजात होने के बाद भी आरटीओ संतोष पॉल ने 2000 हजार रुपये मांगे। वहीं जब पैसे नही देने की बात कही गयी तो आरटीओ संतोष पॉल ने प्रिंस भसीन से गाली गलौच कर भगा दिया, जिसकी शिकायत पीड़ित ने माढ़ोताल थाने में दर्ज करवाई थी लेकिन कोई कार्यवाही के न होने के चलते धरना दिया गया।

सुबह से शुरू हुआ धरना देर रात तक चलता रहा जहां हरेन्द्रजीत सिंह बब्बू ने कहा कि संतोष पॉल के कारण पूरे आरटीओ में अवैध वसूली का काम चल रहा है,गरीब जनता के ऊपर झूठे केस बना कर उन्हें जेल भिजवाया जा रहा है। आरटीओ से प्रताड़ित होकर लोग जहर खा रहे है, बावजूद इसके उसके ऊपर कोई कार्यवाही नही हो रही है, वहीं प्रशासन की रिक्वेस्ट के बाद धरने को ज्ञापन के माध्यम से समाप्त कर कार्रवाई की मांग की गयी है। साथ ही चेतावनी दी कि अगर जल्द कार्रवााई नही होती है तो नेशनल हाइवे को जाम कर आंदोलन किया जाएगा।

अपनी ही सरकार से नाखुश दिखे पुर्व मंत्री
जबलपुर आरटीओ संतोष पाल को लेकर पूर्व मंत्री हरेंद्रजीत सिंह बब्बू लगातार प्रशासन और सरकार से इसको लेकर शिकायत कर रहे हैं। खास बात ए है कि आरटीओ संतोष पाल के जबलपुर में तैनात को लेकर 3 साल हो चुके हैं। इसके बावजूद भी उनका तबादला ना होना यह एक हमेशा से जबलपुर में चर्चा का विषय बना हुआ था। इस बीच ही आरटीओ के द्वारा एक व्यक्ति को प्रताड़ित करना और उसके बाद युवक का जहर खाना यह पूर्व मंत्री हरेन्द्रजीत बब्बू को एक विषय मिल गया, यही वजह थी कि उन्होंने आरटीओ के हटाने को लेकर धरना दिया। फिलहाल अब देखना यह होगा कि राज्य सरकार इसको लेकर क्या कदम उठाती है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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