जबलपुर में चला सरकारी बुल्डोजर, शासकीय जमीन से कब्जा हटाने की कार्रवाई

जबलपुर में चला सरकारी बुल्डोजर, शासकीय जमीन से कब्जा हटाने की कार्रवाई

जबलपुर/संदीप कुमार

माफिया विरोधी मुहिम पार्ट 2 का आगाज़ आज से हो गया है। जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम ने बुधवार की सुबह राँझी अनुविभाग के अंतर्गत ग्राम मोहनियाँ में भू-माफिया एवं आपराधिक तत्वों द्वारा करीब दो एकड़ शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा कर बनाई गई दूध डेयरी एवं अगरबत्ती कारखाने को ध्वस्त करने की कार्रवाई प्रारम्भ की।

कलेक्टर भरत यादव के निर्देश पर यह कार्यवाही एसडीएम राँझी दिव्या अवस्थी के नेतृत्व में की गई। शासकीय भूमि से अवैध कब्जे हटाने की कार्यवाही के दौरान मौके पर बड़ी संख्या मे पुलिस और राजस्व अमले का स्टाॅफ मौजूद रहा। एसडीएम राँझी दिव्या अवस्थी के मुताबिक मोहनियां में दिलशाद खान नाम के व्यक्ति द्वारा करीब दो एकड़ शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा कर दूध डेयरी, अगरबत्ती कारखाना और दुकानें बना ली गई थी। इनमें से एक दुकान में पटाखों का अवैध रूप से भण्डारण भी किया गया था। एक स्वीमिंग पूल का निर्माण भी यहाँ चल रहा रहा था जबकि शेष रिक्त भूमि पर खेती की जा रही थी। एसडीएम राँझी ने बताया कि भू- माफिया और आपराधिक तत्वों के खिलाफ की जा रही इस कार्रवाई के तहत ग्राम मोहनियाँ में ही सतीश सागर नाम के व्यक्ति द्वारा करीब सवा तीन हजार वर्ग फुट शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा कर बनाये गये मकान को जेसीबी मशीनों से ध्वस्त किया गया।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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