मासूम बच्ची का दो दिन पहले अपहरण, रेप के बाद हत्या, कमलनाथ ने सरकार को घेरा

मासूम बच्ची का दो दिन पहले अपहरण, रेप के बाद हत्या, कमलनाथ ने सरकार को घेरा

जबलपुर, संदीप कुमार| शहपुरा थाना के बिल पठार गाँव से दो दिन पहले 3 साल की बच्ची का घर से अचानक अपहरण हो गया था। आज उसी बच्ची का गांव से 5 किलोमीटर दूर नचान रोड पर शव मिलने से सनसनी फेल गई| कांग्रेस ने इस घटना पर प्रदेश सरकार को घेरा है|

जानकारी के मुताबिक दो दिन पहले बच्ची अचानक ही घर से रहस्यमय तरीके से गायब हो गई थी| जिसका आज शव मिला है। पुलिस ने बताया कि लकड़ी बीनने वाली महिलाओं ने देखा की रोड किनारे बच्ची का शव पड़ा हुआ है जिसके बाद शहपुरा थाना पुलिस को इसकी जानकारी दी गई। घटना की खबर लगते ही सैकड़ों ग्रामीणों मौके पर पहुंचे गए है|

रेप के बाद हत्या
इधर घटनास्थल पहुँचे पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा का कहना है कि अज्ञात आरोपी ने बच्ची के साथ रेप कर हत्या को अंजाम दिया है। संस्कराधानी जबलपुर में बढ़ रहे अपराध पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्वीट कर सरकार को घेरा है।

कमलनाथ ने सरकार को घेरा, कड़ी कार्रवाई की मांग
कमलनाथ ने ट्वीट कर लिखा ‘प्रदेश के जबलपुर की बरगी विधानसभा में शाहपुर थाना क्षेत्र में एक 2 साल की मासूम बच्ची का अपहरण हुआ और आज उसकी हत्या कर दी गई। भाजपा शासनकाल में अपराधी , माफिया बेलगाम हो गये है। मासूम बच्चियाँ तक सुरक्षित नहीं है। इसके दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही हो’।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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