जबलपुर CMHO ने बनाई कोरोना वायरस से बचाव की PPE किट, स्वास्थ्य विभाग से मांगी मंजूरी

जबलपुर CMHO ने बनाई कोरोना वायरस से बचाव की PPE किट, स्वास्थ्य विभाग से मांगी मंजूरी

जबलपुर/संदीप कुमार

कोरोना वायरस संक्रमण से निपटने के लिए पूरा देश इस समय युद्ध स्तर पर जुटा हुआ है।लगातार राज्य सरकार इस और ध्यान भी दे रही है कैसे इस संक्रमण वाली बीमारी से निपटा जाए। इस विषम परिस्थिति में जबलपुर में पदस्थ मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने एक पीपीई (personal protective equipment) किट इजाद की है और उनका कहना है कि ये किट कोरोना वायरस का सामना करने को तैयार है। इसकी कीमत महज 400 रुपये हैं और ये वॉशेबल भी है। मनीष मिश्रा के मुताबिक इसपर किसी भी प्रकार के वायरस का असर नही होगा और कम लागत में ज्यादा प्रोटेक्शन मिलेगी और एक ही पीपीई किट को कई माह तक उपयोग किया जा सकता है।

सीएमएचओ मनीष मिश्रा ने बनाई पीपीई किट
जबलपुर जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी मनीष मिश्रा बीते कई दिनों से इस पीपीई किट को लेकर प्रयासरत थे। आखिर आज कई दिनों की मेहनत के बाद डॉ मनीष मिश्रा ने जिस किट को डिजाइन किया है वो अन्य मेडिकल किट के मुकाबले बहुत ही उपयोगी और सुरक्षित है। इस किट को रेनकोट पॉलीथिन से बनाया गया है। इसकी खास बात ये है कि इसपर पानी का बिल्कुल भी असर नही पड़ता है, ऐसे में माना जा सकता है कि आदमी के खाँसने-छीकने का भी इसपर असर नही होगा और ये पूरी तरह से सुरक्षित भी है।

अन्य मेडिकल किट की तुलना में काफी सस्ती
सीएमएचओ मनीष मिश्रा ने बताया कि रेनकोट से बनी ये पीपीई किट बाकियों की तुलना में बहुत है सस्ती है और ये धुलने के बाद फिर से उपयोग में लाई जा जा सकती है। ये मेड इन जबलपुर किट पूरी तरह से शरीर को ढंक कर रखेगी, इतना ही नही किट को पहनने वाले व्यक्ति को किसी भी तरह का सफोकेशन भी नही होगा।

एप्रूवल के लिए स्वास्थ्य विभाग को भेजा पत्र 
डॉ मनीष मिश्रा ने बताया कि इस किट की अनुमति हेतु स्वास्थ्य विभाग भोपाल को एक सेंपल भेजा गया है और अब वहाँ से आने वाले आदेश का इंतजार किया जा रहा है। फिर भी वर्तमान हालात को देखते हुए जबलपुर जिला अस्पताल ने मेड इन जबलपुर किट के लिए आर्डर दे दिया है। शुरुआत में करीब 500 किट बनाई जा रही है और अगर स्वास्थ्य विभाग ने इसकी अनुमति दे दी तो इस किट को पूरे देश में लागू किया जाएगा।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews