जबलपुर में पहले एक युवक और फिर उसके बाद डायल 112 के आरक्षक के साथ मारपीट करने का मामला सामने आया है। यह बताया जा रहा है कि खमरिया थाना क्षेत्र में आरोपियों ने पहले एक युवक के साथ मारपीट और कर में तोड़फोड़ की। इसके बाद 112 डायल कर खुद ही पुलिस को बुलाया।
आरक्षक का कहना है कि जब वह शिकायत के बाद मौके पर पहुंचा। तब 25 से 30 लोगों ने उसे घेरा और उसकी वर्दी फाड़ दी। नेम प्लेट भी तोड़ दी गई। यह सब होने के बाद उसने ट्रांसफर भी मांगा।
पहले युवक से हुई मारपीट
यह पूरा घटनाक्रम नारायण धाम निवासी आशीष कुशवाहा के साथ हुआ जो इंदौर की एक निजी कंपनी में काम करते हैं। वो रक्षाबंधन के लिए घर आए थे और अपने भाई अंशुल और दो दोस्तों के साथ आमाखोह से वापस आ रहे थे। जब ये सगनहाई के पास पहुंचे तो सत्यम यादव ने अनस को बाहर निकलने को कहा। बाहर आते ही उस पर हमला कर दिया। जब उसे बचाने के कि कोशिश की तो चारों युवक से मारपीट की गई और कार का कांच भी फोड़ दिया गया। युवक जैसे तैसे खुद को बचाकर मौके से निकले तो आरोपी पीछा करते करते उनके घर तक पहुंच गए। परिजनों ने बीच बचाव किया तो उनके साथ भी गाली गलौज की गई। पत्थरों से कार के शीशे तोड़े गए। घटना में चारों युवकों को चोट लगी है।
पुलिसकर्मी से मारपीट
इसके बाद आरोपियों ने खुद ही चोरी होने की सूचना देते हुए डायल 112 पर फोन लगाया। जब आरक्षक नरेश कुमार मौके पर पहुंचे तो आरोपियों उनसे पूछा कि बाकी का स्टाफ कहां है और देखते ही देखते 25 से 30 लोगों ने उनके साथ मारपीट कर दी। आरक्षक जैसे तैसे वहां से निकले। इसके बाद उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को इस बारे में सूचना दी और दूसरी जगह ट्रांसफर करने को कहा लेकिन इसकी जगह उन्हें जांच के नाम पर लाइन अटैच कर दिया गया।






