Jabalpur News : भाजपा नेता प्रियांश विश्वकर्मा का मकान तोड़ने बुलडोजर लेकर पहुंचे कांग्रेसी, फिर वापस लौटे

Jabalpur News : भाजपा नेता प्रियांश विश्वकर्मा का मकान तोड़ने बुलडोजर लेकर पहुंचे कांग्रेसी, फिर वापस लौटे

Jabalpur News : वेदिका हत्याकांड के बाड़ा जिस तरह से प्रदेश सरकार ने आरोपी भाजपा नेता प्रियांश विश्वकर्मा पर किसी तरह की कार्रवाई  ना करते हुए यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया कि वह हमारी पार्टी का नेता नहीं है,  जो विधि सम्मत कार्रवाई होगी वह की जा रही है, इससे कांग्रेस भड़की हुई है, भाजपा के इस बयान को कांग्रेस आरोपी को बचाने की नजर से देख रही है। सरकार के रवैये से नाराज यूथ कांग्रेस के सैकड़ों कार्यकर्ता आज खुद ही बुलडोजर लेकर भाजपा नेता प्रियांश के घर पहुंचे, दावा किया जा रहा था कि प्रियांश का घर तोड़ दिया जाएगा, पर प्रियांश के घर के पास पहुंचकर ही वहां पर नारेबाजी करने लगे और वापस आ गए।

शिवराज सरकार पर भड़के यूथ कांग्रेस नेता  

सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ प्रियांश विश्वकर्मा के घर पहुंचे यूथ कांग्रेस के नगर अध्यक्ष जितिन राज का कहना था कि भाजपा नेता प्रियांश विश्वकर्मा ने जिस बेरहमी से वेदिका ठाकुर की हत्या की थी, उसके बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को तुरंत ही एक्शन लेते हुए अपराधी का घर जमींदोज कर देना चाहिए था, लेकिन भाजपा सरकार अपने कार्यकर्ता को बचाने में जुटी रही।

बुलडोजर लेकर पहुंचे, सांकेतिक प्रदर्शन बता कर वापस लौटे 

यूथ कांग्रेस अध्यक्ष जितिन राज का कहना है कि आज हमारा प्रदर्शन सांकेतिक है, और हमने चेतावनी दी है कि अगर प्रियांश के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो यूथ कांग्रेस का बुलडोजर फिर से चलेगा। युवा कांग्रेस नेता जितिन राज से जब पूछा गया कि आपने दो दिन पहले से शहर में पोस्टर लगा रखा है कि युवा कांग्रेस बुलडोजर से प्रियांश का घर तोड़ेगी, पर यहां आकर सिर्फ सांकेतिक प्रदर्शन बताया जा रहा है, इस पर जितिन राज का कहना था कि आगे अब कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी, हम कलेक्टर- एसपी के आने का इंतजार कर रहे हैं। बहरहाल जिस तरह से युवा कांग्रेस ने जोश दिखाया था, वह ना जानें क्यों प्रियांश के घर आकर ठंडा पड़ गया ये सवाल पूरे जबलपुर में लोग पूछ रहे हैं।

[dgv_vimeo_video id=”840388037″]

जबलपुर से संदीप कुमार की रिपोर्ट 

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews